बदायूं। लखीमपुर खीरी से बदायूं पहुंची किशोरी ने अपने माता-पिता पर बेचने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि माता-पिता ने दो दिन पहले उसे दूसरे समुदाय के युवक के हाथ बेचा था। वह धर्म परिवर्तन कराना चाहता था लेकिन वह भागकर रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने उसे रोते हुए देखा तो सिविल लाइंस थाने ले गए। पुलिस की सूचना पर उसके माता-पिता और लखीमपुर खीरी पुलिस बदायूं आ रही है।
शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हिंदू संगठन के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन के नजदीक होटल पर चाय पी रहे थे। इसी दौरान एक पंद्रह वर्षीय किशोरी रोती हुई दिखाई दी। उसके रोने का कारण पूछा तो किशोरी ने बताया कि वह लखीमपुर खीरी जिले में हैदराबाद थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। उसका पिता मजदूरी करता है। दो दिन पहले उसके माता-पिता ने बदायूं निवासी दूसरे समुदाय के युवक के हाथ उसे बेच दिया था। किशोरी से कहा था कि वह उसके साथ रहे। शाम को घर आ जाया करे। युवक उसे बदायूं ले आया। रात में उसे एक धार्मिक स्थल के नजदीक एक कमरे पर रखा। उस कमरे में कई युवक थे। वह सुबह उसे धर्म परिवर्तन कराने ले जा रहे थे कि किशोरी वहां से भाग आई। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता उसे लेकर अधिवक्ता अरविंद परमार के पास पहुंचे।
अरविंद परमार ने किशोरी के मुताबिक एक तहरीर लिखी और उसे लेकर थाना सिविल लाइंस पहुंचे। जहां इंस्पेक्टर विशाल प्रताप सिंह ने लखीमपुर खीरी पुलिस से जानकारी ली तो पता चला किशोरी के खिलाफ वहां चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज है। लखीमपुर खीरी पुलिस किशोरी के पिता को लेकर वहां से रवाना हो चुकी है। उसके बदायूं पहुंचने के बाद हकीकत स्पष्ट होगी।
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किशोरी को कुछ लोग थाने लाए हैं। वह अपने माता-पिता पर बेचने का आरोप लगा रही है। लखीमपुर खीरी पुलिस को सूचना दे दी गई है। उसके माता-पिता और वहां की पुलिस आ रही है। तभी कुछ सच्चाई सामने आएगी।
- विशाल प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस