बदायूं। प्रदेश में 68500 शिक्षकों की भर्ती की गई थी। इसमें दौरान जिले में कुछ शिक्षक ऐसे थे, जिनकी मेरिट अच्छी होने के बावजूद उन्हें अपनी पसंद के जिले नहीं मिले थे। इस पर कुछ शिक्षक कोर्ट चले गए। कोर्ट ने शिक्षकों के पक्ष में आदेश दिया, जिसके बाद जिले में तैनात 128 शिक्षकों को कार्यमुक्त करते हुए उनको गृह जनपद भेज दिया गया है।
प्रदेश सरकार द्वारा 2018 में परिषदीय स्कूलों में पढ़ाने के लिए 68,500 शिक्षकों की भर्ती की गई थी। साथ ही बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलों की मांग के अनुसार शिक्षकों की तैनात जिलों में की थी। उस दौरान तकनीकी खामियों की वजह से कुछ शिक्षकों की मेरिट हाई होने के बावजूद भी उन्हें गृह जनपद नहीं मिला, जबकि उनके कम रैंक वाले को अपने-अपने गृह जनपद मिल गए थे। इसको लेकर शिक्षक ने कोर्ट का दरवाजा खटखाया। कोर्ट ने फैसला शिक्षकों के हित में दिया। इसके बाद में शिक्षकों को गृह जनपद भेजा जाना लगा। ऐसे में 68, 500 शिक्षकों में से जिले को करीब 18 सौ शिक्षक मिले थे, इनमें 128 शिक्षकों गृह जनपद के लिए बीएसए ने रिलीव कर दिया। इस संबंध में बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेशासुनार शिक्षकों को गृह जनपद भेजा गया है, जबकि दो शिक्षक बदायूं आए हैं।