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पुराने कपड़े, चाकू, फोटो और कागजात ले गई सीबीआई

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बदायूं। कटरा ब्राहमपुर के गुप्ता दंपती हत्याकांड में विवेचना कर रही सीबीआई बतौर सबूत कई साल पुरानी कुछ वस्तुओं को ले गई है। उनमें दो पुराने कपड़े, एक सब्जी काटने का चाकू, फोटो और कुछ कागजात शामिल हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक जो कपड़े जुटाए गए हैं उनसे काफी समय तक पोंछा लगाया जाता रहा तो चाकू से सब्जी काटी गई। यहां तक कि बच्चे खेल-खेल में उन्हें छत पर डाल आए थे।
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तीन दिन पहले सीबीआई सर्च वारंट लेकर आई थी। इस दौरान पांच सदस्यीय टीम ने गुप्ता दंपती के सामने वाले घर में तलाशी ली। यह घर तीन साल पहले आत्महत्या कर चुके उदय प्रकाश वर्मा का है। यहां उनके माता-पिता और भाई-बहन रहते हैं। सीबीआई को शक था कि उदय प्रकाश वर्मा लूट के इरादे से दंपती के घर में घुसा था और उनकी हत्या कर दी।
इस बात की ही आधार बनाते हुए सीबीआई ने उदय प्रकाश वर्मा के घर में तलाशी ली तो यहां चार-पांच चीजें बरामद की गईं। इनमें दो पुराने कपड़े, एक चाकू, कुछ फोटो और कुछ कागजात शामिल थे।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक सीबीआई ने जो कपड़े बरामद एक हैं वह काफी पुराने होकर कई जगह फट गए हैं। इससे उन्हें एक कोने में डाल दिया गया था। इसके अलावा जो चाकू बरामद किया गया है वह भी काफी समय से छत पर पड़ा था। उस पर जंक लग गई थी।
बताया जा रहा है कि उससे काफी समय तक सब्जी काटी गई। बच्चे उसे खेल-खेल में छत पर फेंक आए थे। बाकी फोटो और कागजात उदय प्रकाश वर्मा के थे। इन वस्तुओं को सीबीआई ने सबूत के तौर पर कब्जे में किया है।
लोगों को इस बात की हैरानी है कि अगर उदय वास्तव में गुनहगार था तो मौत के बाद भी इतने साल तक उसके घर में यह वस्तुएं कैसे पड़ी रहीं। ऐसे में यह कैसे साबित हो सकेगा कि इन वस्तुओं को कभी उदय ने प्रयोग किया था। ऐसे में तो और मामला उलझेगा।
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उदय का परिवार भी है शक के दायरे में
गुप्ता दंपती हत्याकांड में सीबीआई के शक के दायरे में केवल मृतक उदय ही नहीं बल्कि उनका परिवार भी है। हालांकि अब तक की विवेचना में परिवार के किसी और सदस्य का नाम सामने नहीं आया है। सीबीआई भी पड़ोसियों को बताकर गई है कि केवल उदय के खून का ही मौके से मिलान हुआ है। बावजूद इसके सीबीआई ने उदय के भाई योगेश और मुकेश के किराये के मकानों में भी तलाशी ली। योगेश हल्द्वानी और मुकेश बरेली में रहते हैं। दोनों जगह सीबीआई गई। संवाद
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