बदायूं। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के बनगढ़ गांव में शनिवार दोपहर बिजली चोरी पकड़ने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने एक घर में बंधक बनाकर पीटा। बिजली कर्मियों ने भागने की कोशिश की हमलावरों ने चार कर्मचारियों को छत से धक्का दे दिया, जिससे जेई का पैर टूट गया। बाकी तीनों कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं। चारों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यह घटना शनिवार दोपहर करीब 12: 30 बजे की है। पावर कॉरपोरेशन के जेई सतीश चंद्र, टेक्नीशियन ग्रेड टू विश्वनाथ प्रताप सिंह और कई संविदा कर्मचारी बनगढ़ में बिजली चेकिंग करने गए थे। जेई के मुताबिक वहां वह टीम सहित एजाज के घर के सामने से होकर गुजर रहे थे। तभी उन्हें एजाज के घर में केबल जाती हुई नजर आई। बताते हैं कि एजाज का मकान बन रहा है। उसमें सबमर्सिबल लगा हुआ है। उन्होंने एजाज को बुलाकर पूछा कि उनके मकान में कनेक्शन नहीं है तो केबिल कहां गई है। एजाज ने जवाब दिया कि केबल किसी दूसरे के घर में गई है। आरोप है कि उसने केबल दिखाने के बहाने के बहाने जेई और उनकी टीम को घर में बुला लिया।
आरोप है कि जेई और उनके साथी कर्मचारी घर के अंदर पहुंचे। तभी 15 लोग लाठी-डंडे लेकर आ गए। उन्होंने घर का दरवाजा घेर लिया, जिससे टीम को निकलने का मौका नहीं मिला। आरोपियों ने बिजली कर्मियों से मारपीट शुरू कर दी, जिससे भगदड़ मच गई। बिजली कर्मचारी खुद को बचाने के लिए छत पर भागे। तभी आरोपी भी पीछे से छत पर जा पहुंचे और जेई सतीश चंद्र, विश्वनाथ प्रताप सिंह, संविदा कर्मचारी हनी चंद्रा व अजय कुमार को छत से नीचे धक्का दे दिया। जेई नीचे सड़क पर जा गिरे। इससे उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। यह देख आरोपी मौके से भाग निकले। जेई ने तुरंत थाना पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में थाना पुलिस आ गई और घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है। जेई की ओर से 15 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
एफआईआर दर्ज होने तक धरने पर बैठे रहे कर्मचारी, सप्लाई ठप की
कुंवरगांव (बदायूं)। थाना क्षेत्र के बनगढ़ गांव में पावर कॉरपोरेशन की टीम के साथ मारपीट करने के मामले में जब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई तब तक कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। इस दौरान उन्होंने 39 गांव की सप्लाई भी ठप कर दी। बताते हैं कि उन्होंने शाम करीब चार बजे पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें आठ लोगों को नामजद किया गया था लेकिन पुलिस ने उस तहरीर पर एफआईआर दर्ज नहीं की। बाद में उन्होंने चार लोगों को नामजद किया तो पुलिस ने रात करीब आठ बजे रिपोर्ट दर्ज की। तब तक सभी कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। सप्लाई भी ठप रही। एफआईआर होने के बाद सप्लाई बहाल की गई। पुलिस ने जेई सतीश चंद्र की तहरीर पर आरोपी एजाज, सुबराती उर्फ सुहालेउद्दीन, अहसान और मुस्तफा समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। इन पर धारा 332, 333, 325, 353, 477 के तहत कार्रवाई की गई है।