बदायूं। शहर में पुरानी चुंगी स्थित देसी शराब की दुकान पर खुलेआम मिलावट खोरी का धंधा चल रहा था। इसका खुलासा तब हुआ, जब मूसाझाग इलाके में तीन लोगों की मौत के बाद शुक्रवार शाम डिप्टी कमिश्नर शेखर उपाध्याय और जिला आबकारी अधिकारी राजकुमार ने छापा मारा। यहां से 1400 ढक्कन और 540 क्यूआर कोड चिट बरामद हुईं हैं। आबकारी टीम ने मनिकापुर कौंरि की दुकान सील कर दी है।
बताते हैं कि उन पौवों पर जो क्यूआर कोड मिला, उससे पता चला कि ये शराब मनिकापुर कौंरि की देसी शराब की दुकान और टिकटगंज देसी शराब की दुकान (वर्तमान में पुरानी चुंगी स्थित) से सप्लाई हुई थी। इस पर सबसे पहले आबकारी टीम ने मनिकापुर कौंरि की दुकान पर छापा मारा। यहां से शराब के सैंपल लिए गए और दुकान सील कर दी गई।
शुक्रवार शाम डिप्टी कमिश्नर शेखर उपाध्याय, जिला आबकारी अधिकारी राजकुमार, आबकारी इंस्पेक्टर वाणीविनायक मिश्रा और इंस्पेक्टर कोतवाली देवेंद्र कुमार धामा ने छापा मारा। यहां से 14 सौ खाली ढक्कन और 540 फर्जी क्यूआर कोड चिट बरामद हुईं हैं। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से मिलावटखोरी का धंधा चल रहा था। नए ढक्कन लगाकर और क्यूआर कोड चस्पा करके नकली पौवे तैयार किए जा रहे थे। दुकान से करीब 60 पेटी शराब बरामद हुई है। उसे कब्जे में ले लिया गया है। देर रात तक इस मामले में कार्रवाई चलती रही।
उझानी पुलिस ने जेल भेजा था सेल्समैन
टिकटगंज स्थित जिस देसी शराब की दुकान पर कार्रवाई के दौरान ढक्कन और क्यूआर कोड चिट बरामद हुईं हैं। उस पर काम करने वाला सेल्समैन कुछ समय पहले उझानी पुलिस ने जेल भेजा था। बताया जा रहा है कि उसके पास से नकली ढक्कन और शराब बनाने के उपकरण बरामद हुए थे। जेल से छूटने के बाद वह यहीं काम करने लगा था।
...तो महीनादारी ले रहा था आबकारी विभाग
शहर में देसी शराब की दुकान पर इतनी बड़ी मिलावटखोरी चल रही थी। इसके बावजूद हैरानी की बात है कि आबकारी विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी। जबकि आबकारी विभाग लगातार चेकिंग करने की बात करता है। शहर में इतना बड़ा खुलासा होने पर लग रहा है कि विभागीय अधिकारी महीनादारी ले रहे थे।
होली पर बिकी थी मिलावटी शराब
होली के त्योहार पर शहर की दुकानों पर जमकर मिलावटी शराब बिकी थी। अमर उजाला ने इसका खुलासा किया था लेकिन आबकारी विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। त्योहार पर रोडवेज और स्टेशन रोड स्थित दुकानों पर मिलावटी शराब बिकने की शिकायतें आईं हैं। ये भी पता चला था कि यहां हरियाणा शराब बिक रही थी।
अधिकारी की बात
टिकटगंज स्थित देसी शराब की दुकान पर छापा मारा गया। यहां से 14 सौ खाली ढक्कन और 540 फर्जी क्यूआर कोड चिट बरामद हुईं हैं। हम संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। दुकान भी सील कराई जाएगी।
शेखर उपाध्याय, डिप्टी कमिश्नर
विशेषज्ञ की बात
लंबे समय तक जो लोग कच्ची या घटिया शराब पीते हैं उनकी आंखों की नसें धीरे-धीरे खराब होने लगती हैं और फिर आंखों की पूरी रोशनी चली जाती है, जिसे इंड्यूज्ड एंब्लायोपिया कहा जाता है जबकि एथेनॉल मिश्रित शराब या मिलावटी शराब पीने से न्यूराइटिस हो जाती है और आंखों की रोशनी एकदम चली जाती है और व्यक्ति हमेशा के लिए अंधा हो जाता है।
डॉ. रितुज चंद्रा, नेत्र रोग विशेषज्ञ