बदायूं। अनुसूचित जाति की किशोरी से दुष्कर्म के मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 65 हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की रकम जमा होने पर संपूर्ण धनराशि पीड़िता को देने का भी कोर्ट ने आदेश दिया है।
किशोरी से अपहरण कर दुष्कर्म की वारदात थाना उसहैत क्षेत्र के एक गांव में 21 अगस्त 2015 को हुई थी। गांव निवासी व्यक्ति द्वारा 25 अगस्त को लिखाई गई रिपोर्ट के मुताबिक 21 अगस्त की शाम उसकी 13 वर्षीय पुत्री खेत की ओर गई थी। काफी देर तक वह नहीं लौटी तो उसने अपनी पुत्री की तलाश शुरू की। इस दौरान उसको जानकारी मिली कि पुत्री को थाना उसहैत के गांव तरसुरा निवासी ज्ञानेंद्र पुत्र ऋषिपाल बहला फुसला कर ले गया है। पुलिस ने पीड़िता को 29 अगस्त 2015 को खोज लिया। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी ज्ञानेंद्र के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट रमाशंकर सिंह ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी मदनलाल राजपूत और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी ज्ञानेंद्र को मुजरिम करार दिया।
किशोरी को बहलाकर ले जाने के मामले में चार साल की सजा
बदायूं। एडीजीसी मदनलाल राजपूत के अनुसार किशोरी को फुसलाकर ले जाने के एक अन्य मामले में स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने नामजद आरोपी को दोषी ठहराते हुए चार साल की सजा सुनाई है। किशोरी को फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट थाना कोतवाली क्षेत्र निवासी व्यक्ति ने लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार उसकी पुत्री 15 जनवरी 2018 को दोपहर में ट्यूशन पढ़ने गई थी। शाम तक नहीं आई तो उसने खोजबीन की। इस दौरान जानकारी हुई कि थाना कोतवाली के मोहल्ला मीरा जी की चौकी निवासी रिंकू कश्यप पुत्र नन्हेलाल उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने रिंकू कश्यप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने विवेचना के बाद रिंकू कश्यप के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने आरोपी रिंकू कश्यप को चार साल की सजा सुनाई और उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना डाला है।