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विवादित जमीन के मामले में कानूनगो पर गिरी गाज, डीएम ने किए हटाने के आदेश

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बदायूं। सहसवान की विवादित जमीन के बैनामे कर बेचने का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में डीएम ने पहली कार्रवाई करते हुए तहसील में पिछले लगभग 20 साल से तैनात कानूनगो को वहां से हटा दिया है। कानूनगो को दातागंज भेजा गया है। हालांकि कानूनगो की अन्य कई शिकायतें थीं, जिसके कारण उन पर यह कार्रवाई की गई है। डीएम के सख्त रुख को देखते हुए यह माना जा रहा है कि इस मामले में लिप्त और भी कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। डीएम ने यह भी कहा है कि विवादित जमीन का बैनामा करने वालों को भूमाफिया में दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। डीएम के सख्त रुख के चलते इस मामले से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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सहसवान में 12 बीघा भूमि शहवाजपुर और तीन बीघा भूमि जाहिदपुर मालपुर में है। नगर निवासी जमशेद द्वारा अधिकारियों को की गई शिकायत के अनुसार तहसील क्षेत्र के शहवाजपुर में गाटा संख्या 78, 86/1 तथा 86/2 शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज है जबकि 118, 119, 120, 121,122, 123, 142, 143, 145 आदि पर विवाद है। एक पक्ष ने इसे जहां इसे अपना बताते हुए बैनामे कर दिए वहीं दूसरा पक्ष इसे राज्य सरकार की संपत्ति बता रहा है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि जब भूमि के सभी मालिक पाकिस्तान चले गए थे और उनकी सारी संपत्ति निष्क्रांत संपत्ति के रूप में दर्ज कर ली गई थी। बाद में एक भाग शत्रु संपत्ति के रूप में भी दर्ज हो गया तो अन्य को क्यों नहीं किया गया।
शिकायत मिलने पर डीएम कुमार प्रशांत ने अधिकारियों को भूमि पर हो रहे बैनामों तथा हो चुके बैनामों के दाखिल खारिज को रोकने का आदेश कर दिया था, लेकिन इसके बाद भी कब्जाधारकों ने चार बैनामे और कर दिए। इसके बाद डीएम ने मामले की जांच के आदेश एडीएम एफआर नरेंद्र बहादुर सिंह को कर दिए। अब डीएम ने सहसवान तहसील में तैनात कानूनगो वीरेंद्र सिंह को यहां से हटा दिया है। डीएम के अनुसार इस मामले में कानूनगो का नाम आ रहा था। इसके अलावा भी कुछ अन्य शिकायतें थी, जिस पर उन्हें हटाकर दातागंज भेज दिया गया है।
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पिछले साल कानूनगो पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
सहसवान से हटाए गए कानूनगो पिछले 20 साल से यहां तैनात थे। लगभग दो माह के लिए वह बिल्सी भी गए थे, लेकिन उन्होंने फिर अपना स्थानांतरण सहसवान करा लिया था। उनके खिलाफ पहले भी कई शिकायतें आती रही हैं। ग्राम बाजपुर निवासी आमिर की भूमि के मामले में अभिलेखों में धोखाधड़ी करने के आरोप में इन पर पिछले साल एफआईआर दर्ज की गई थी। तहसीलदार दीपक चौधरी ने बताया कि कानूनगो वीरेंद्र सिंह को हटा दिया गया है। उनकी एक ऑडियो भी वायरल हुई थी, इसके अलावा भी तहसील की विवादित भूमि के मामले में संलिप्तता समेत उनकी कई शिकायतें थीं, जिसमें उन पर कार्रवाई की जाएगी।
कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध
विवादित जमीन के मामले में कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। इनमें से कुछ का स्थानांतरण दूसरी तहसील में हो चुका है। विगत 17 अक्तूबर-19 को डीएम को पत्र भेजकर सहसवान के तत्कालीन एसडीएम संजय कुमार सिंह ने भी एक कर्मचारी की शिकायत की थी कि उसने तहसील में कई बेनामी संपत्तियां क्रय की हैं। शहवाजपुर मोहल्ले में भी मुख्य मार्ग के किनारे लगभग 35 बीघा भूमि इस कर्मचारी ने बेनामी रूप से खरीद ली है तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर उस पर कब्जा कर लिया है। अब डीएम के सख्त रुख के कारण माना जा रहा है कि इन कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
दूसरी बार के अमल दरामद वाले बैनामे को ढूंढने में लगा तहसील प्रशासन
जमीन के इस मामले में आर-6 नामांतरण वही में एक ही मुकदमा संख्या पर दो बार अमल दरामद कर दिया गया। दूसरी बार में कोई बैनामा भी प्रस्तुत नहीं किया गया। डीएम से शिकायत होने के बाद जांच के आदेश दिए जाने पर एक ही मुकदमा संख्या पर दो बार अमल दरामद करने पर पिछले माह एसडीएम सहसवान लालबहादुर ने भी आर-6 के पेज संख्या 435 पर दर्ज अमल दरामद को विचारणीय मानते हुए उच्चाधिकारियों को अपनी आख्या दी थी। खास बात ये है कि यह बैनामा ढूंढे सेे भी नहीं मिल रहा है। एसडीएम सहसवान लालबहादुर सिंह के अनुसार बैनामा ढुंढवाया जा रहा है।
विवादित भूमि के मामले में कानूनगो का नाम सामने आया है। इसके अलावा भी कुछ अन्य शिकायतें हैं जिस पर उन्हें हटाने का आदेश मैंने कर दिया है। उन्हें दातागंज भेजा गया है। इस मामले की जांच एडीएम एफआर कर रहे हैं। जमीन पर जिन लोगों ने बैनामे किए हैं, जांच के बाद उन्हें भूमाफिया में दर्ज किया जाएगा। भूमाफिया में दर्ज करने के बाद एक प्रक्रिया होती है, मौके पर टीम जाती है, सब देखा जाता है, अवैध कब्जा हटाया जाता है और उसके बाद कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी ऐसा किया जाएगा।
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- कुमार प्रशांत, डीएम
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