उझानी (बदायूं)। उत्तर प्रदेश लघु उद्योग विकास निगम (सिडको) के अध्यक्ष बीएल वर्मा की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके करीबियों से मैसेंजर पर मेसेज भेजकर रुपये मांगे जाने के मामले में पुलिस सक्रिय हुई तो फर्जी आईडी डिलीट कर दी गई। बताया जा रहा है कि पुलिस जल्द ही बिहार के दरभंगा में उसके व्यक्ति को तलाश करेगी, जिसके खाते का नंबर मैसेंजर पर शेयर किया गया था।
सिडको के अध्यक्ष बीएल वर्मा की फर्जी फेसबुक आईडी शुक्रवार रात में किसी जालसाज ने बनाकर मैसेंजर पर उनके करीबियों से रुपये मांगने शुरू किए थे। बरेली निवासी परिचित के जरिए जब वर्मा को पूरे मामले की जानकारी हुई तो तहकीकात शुरू करा दी गई थी। अगले दिन सुबह तक यह भी साफ हो गया था कि मैसेंजर पर रुपये मांगने के लिए जालसाज ने बैंक का जो खाता नंबर शेयर किया, वह बिहार प्रदेश में दरभंगा के व्यक्ति का था। सिडको के अध्यक्ष की शिकायत पर एसएसपी संकल्प शर्मा ने आरोपी जालसाज तक पहुंचने के लिए साइबर सेल के इंस्पेक्टर को लगाया।
एसएसपी ने शनिवार देर शाम ही फेसबुक मुख्यालय को भी इससे अवगत कराया था। इसके बाद फेसबुक आईडी बंद कर दी गई। रविवार को उस आईडी से किसी भी व्यक्ति पर कोई मेसेज नहीं भेजा गया। साइबर सेल की टीम जल्द ही दरभंगा में दबिश देकर जालसाज को पकड़ने की कोशिश करेगी। इस बीच, फिलहाल ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया कि सिडको के अध्यक्ष के किसी भी करीबी को ठगा गया हो। अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस अपने स्तर से सही दिशा में जांच कर रही है।
कई और लोगों को राहत की उम्मीद
दो-तीन महीना में कई लोगों की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर या फिर आईडी हैक कर उनके करीबियों से रुपये मांगने के मामले में फेहरिस्त काफी लंबी है। शनिवार को नगर निवासी एक व्यापारी की फेसबुक आईडी को हैक कर उसके परिचित से भी रुपये मांगे गए थे। ऐसा भी नहीं कि किसी ने इसकी पुलिस से शिकायत नहीं की हो। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। अब, चूंकि सिडको के अध्यक्ष की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर रुपये मांगे गए हैं, सो पुलिस के सक्रिय हो जाने के बाद पूर्व के शिकार लोगों में भी उम्मीद जागी है कि जालसाज के पकड़े जाने के बाद धोखाधड़ी के ऐसे मामलों पर अंकुश लगेगा।
उच्चाधिकारियों के आदेश पर हमने मामले की जांच शुरू की थी। हमारे पास जो स्क्रीन शॉट आए थे, उनके आधार पर आईडी चेक की लेकिन फेसबुक पर आईडी नहीं मिली। ऐसा लग रहा है कि जिन्होंने आईडी हैक की थी वह डर गए, जिससे उन्होंने आईडी ही डिलीट कर दी।
- रामगोपाल शर्मा, इंस्पेक्टर, साइबर सेल