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दिल्ली से कैटेलाइजर खरीदने आता है एजेंट, विदेशों में होता है माल सप्लाई

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बदायूं/ कादरचौक। कादरचौक इलाके में वाहनों से चोरी किया जा रहा कैटेलाइजर आखिर किस कार्य में प्रयोग हो रहा था, अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन इसकी खरीद फरोख्त के लिए बाकायदा नेटवर्क चल रहा है। इसे खरीदने के लिए दिल्ली से एजेंट आते थे। वहीं, जिले के मैकेनिकों के पास जाकर या चिह्नित स्थान पर पहुंचकर छह से 12 हजार रुपये प्रति किलो में कैटेलाइजर खरीदते थे।
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शहर के एक कार मैकेनिक के मुताबिक कैटेलाइजर (मिट्टी जैसा पदार्थ) यूरो-1 के दौरान पांच-छह सौ रुपये किलो बिकता था। उस समय लोगों को इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। अंजान लोग इसे सिर्फ मिट्टी ही समझते थे लेकिन जैसे-जैसे वाहनों के मॉडल बदले कैटेलाइजर की क्वालिटी और बढ़ती गई। आज बीएसए-6 वाहनों के साइलेंसरों में प्रयोग होने वाला कैटेलाइजर आज छह से 12 हजार रुपये में बिकता है। इसके जानकारों को पता है कि कौन से वाहन में किस तरह का कैटेलाइजर प्रयोग हो रहा है। उसी के अनुसार इसकी कीमत तय की जाती है।
बताते हैं कि कादरचौक इलाके में सक्रिय चोरों को इसकी अच्छी जानकारी थी। उनके पास दिल्ली से एजेंट सिर्फ कैटेलाइजर खरीदने आते थे। उनका लालच इस हद तक पहुंच गया कि उन्होंने गाड़ियों को किराए पर लाना शुरू कर दिया और फिर चालक को बातों में लगाकर कैटेलाइजर चोरी कर लेते थे। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली से जो एजेंट आते हैं, उनका संबंध सीधे मुंबई से है। वह यहां से कैटेलाइजर खरीदकर मुंबई सप्लाई करते हैं। फिर मुंबई से जापान, अमेरिका और चीन भेजा जाता है। जानकारों के अनुसार इसमें टाटा कंपनी के वाहनों का कैटेलाइजर सबसे सस्ता और ईको कार के साइलेंसर का कैटेलाइजर 12 हजार रुपये प्रति किलो खरीदा जाता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि लोहे को गलाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भट्ठियां बनाने में इसका इस्तेमाल किया जाता है तो वहीं कुछ लोगों के अनुसार इसे बारूद में मिलाया जाता है। हालांकि इसके उपयोग की पूरी जानकारी किसी के पास नहीं है।
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क्या कहते हैं जानकार
कार के साइलेंसर में मिट्टी नहीं कैटेलाइजर होता है। ये एक प्रकार से फिल्टर के रूप में काम करता है। गाड़ी के इंजन से जो भी गैस निकलती है, उसको फिल्टर करता है। शुद्ध गैस को बाहर निकालता है। खराब गैस को फिर से फिल्टर करता है। आज बीएस-6 गाड़ियां आ रहीं हैं। उनमें इसी का प्रयोग हो रहा है। - सलीम सिद्दीकी, कार मैकेनिक
कार के साइलेंसर में कैटलिक कन्वर्टर होता है। उसमें जो पदार्थ होता है, उसे कैटेलाइजर कहते हैं। पहले यूरो-1 गाड़ियां आ रहीं थीं। उनमें ये सिस्टम नहीं था। इससे पर्यावरण दूषित हो रहा था। बाद में साइलेंसर में और सुधार करके कैटेलाइजर का प्रयोग किया गया। इससे पर्यावरण पर काफी फर्क पड़ा है। आज सभी गाड़ियों में कैटेलिक कन्वर्टर है। - सरताज अहमद, जनरल मैनेजर, सर्विस, कोरल मोटर्स
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