फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सगे भाई की पत्नी और जमीन पर थी नजर तो कर दी हत्या, इलाज भाई की पत्नी और उसके मौसेरे भाइसों पर लगा दिया

विज्ञापन
उझानी में आरोपी नन्हे से पूछताछ करते एसपी सिटी और सीओ। - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर चमारी निवासी अंगद यादव की हत्या में नामजदगी फर्जी निकली है। हत्या उसके सगे भाई ने पिता की तेहरवीं पर खर्च रकम का हिस्सा नहीं मिलने पर की थी। उसकी नजर मृतक की पत्नी और उसके हिस्से की जमीन पर भी थी। किसी को शक न हो, इसके लिए उसने पत्नी और उसके मौसेरे भाइयों को नामजद करा दिया। एसपी सिटी प्रवीन कुमार चौहान और सीओ सर्वेंद्र कुमार और कोतवाली पुलिस ने उससे पूछताछ की तो असलियत सामने आ गई। आला कत्ल बरामद कर पुलिस ने हत्यारे भाई को पुलिस ने कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया है।
विज्ञापन

एसपी सिटी प्रवीन कुमार चौहान और सीओ सर्वेंद्र कुमार शक के दायरे में मृतक अंगद यादव के भाई नन्हे उर्फ कुंवरपाल से पूछताछ को शुक्रवार दोपहर में कोतवाली पहुंचे। पूछताछ के दौरान मृतक की पत्नी सुमन से भी उसका सामना कराया गया। सुमन ने उसकी बुरी नजर का जिक्र किया तो नन्हे ने हकीकत बयां कर दी। बकौल नन्हे, 14 जुलाई की रात वह भाई अंगद के साथ अपने नलकूप पर था। दोनों के अलावा कोई और नहीं था। उसने तमंचे से अंगद को गोली मार दी। इसके बाद शोर मचाता हुआ वह गांव की ओर भाग गया। पुलिस और ग्रामीणों को उसने यही बताया कि अंगद को उसके मौसेरे सालों समेत चार लोग गोली मारकर भाग गए।
इन लोगों ने उसका भी पीछा किया लेकिन वह किसी तरह वहां से निकल भागा। इसके बाद पुलिस ने नन्हे की तहरीर पर बरेली में बाराबदरी कोतवाली क्षेत्र में संजयनगर इलाके के जसवीर, पप्पू और उमेश के नाम उजागर कर चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज करा दी। सुमन को उसने हत्या के षडयंत्र में शामिल करा दिया। पुलिस की मानें तो नन्हे ने हत्या के पीछे वजह पिता की तेहरवीं में खर्च रकम में अंगद के हिस्से के 18 हजार रुपये न मिलना, मृतक की जमीन और उसकी पत्नी पर नजर रखना बताई है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
विज्ञापन

बरेली में निकली नामजदों के सेलफोन की लोकेशन
उझानी। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने बताया कि नामजदगी के बाद पुलिस ने बरेली में नामजदों की तलाश में दबिश देकर उनके सेलफोन नंबरों की लोकेशन ट्रेस कराई तो घटना वाले दिन से पहले तक सुमन समेत उमेश, जसवीर और पप्पू बरेली में ही थे। सुमन ने तो नन्हे पर ही शक जताना शुरू कर दिया। नन्हे फोन पर भाभी सुमन से अश्लील बातें किया करता था। अंगद किसी बात पर पत्नी से नाराज होकर गांव लौट आया तो नन्हे को घर बैठे ही मौका हाथ लग गया। अंगद चार भाई थे। इनमें नन्हे समेत उसके तीनों भाइयों की शादी भी नहीं हुई है। इस बीच, एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने वर्कआउट करने वाली पुलिस टीम में शामिल प्रभारी निरीक्षक, दरोगा शिवेंद्र भदौरिया, महावीर सिंह और सिपाही महेश, धर्मेंद्र को 10 हजार रुपये के नगद पुरस्कार का ऐलान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें