बदायूं। सोमवार शाम शहर में एक सफाई कर्मचारी ने तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक सफाई कर्मचारी मानसिक तनाव में था। पत्नी ने उस पर दहेज उत्पीड़न का केस कर रखा था। वह एक बार जीत गया तो पत्नी ने दोबारा केस कर दिया। इससे तंग कर्मचारी ने शाम को अपने कमरे में कनपटी पर गोली मार ली। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने उसके शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र में नेहरू चौक के नजदीक कालमेकलगंज मोहल्ला निवासी अजय (34) पुत्र राधेश्याम वाल्मीकि सालारपुर ब्लॉक क्षेत्र में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत था। वह पांच भाइयों में दूसरे नंबर का था। करीब सात साल पहले उसकी शादी उझानी निवासी बबिता के साथ हुई थी। परिवार वालों के मुताबिक बबिता चाहती थी अजय उसके साथ उझानी में रहे और अपना वेतन उसे दे जबकि अजय अपने परिवार के साथ ही रहना चाहता था। जब उसने बबिता की बात नहीं मानी तो वह घर छोड़कर उझानी चली गई।
उसने अजय पर दहेज उत्पीड़न का केस कर दिया। बबिता एक बार भी अदालत नहीं गई। इससे न्यायालय ने अजय के हक में फैसला सुना दिया। इससे गुस्साई बबिता ने दहेज उत्पीड़न का केस दोबारा कर दिया। इससे अजय परेशान चल रहा था। भाई विजय का आरोप है कि तीन दिन पहले बबिता के ससुर आए थे। वह कहकर गए थे कि अजय की मौत के बाद ही उसकी बेटी ससुराल आएगी। इससे अजय और डिप्रेशन से गुजर रहा था। सोमवार शाम परिवार के सभी लोग घर के बाहर बैठे थे। उसी समय अजय ने अपने कमरे में तमंचे से कनपटी पर गोली मारकर जान दे दी। जब परिवार वालों ने गोली चलने की आवाज सुनी तो उनके होश उड़ गए। इसकी सूचना पर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने मौके से तमंचा बरामद कर दिया है। बाद में उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक की मौत से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। उधर, ओमप्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि सफाई कर्मचारी ने गोली मारकर आत्महत्या की है। उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बेड से तमंचा जरूर बरामद हुआ है। परिवार वाले बता रहे हैं कि वह डिप्रेशन में था जिससे उसने गोली मारकर जान दी है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।