बदायूं। चाइल्ड लाइन और पुलिस ने दो किशोरियों को बाल विवाह की भेंट चढ़ने से बचा लिया। परिवार वाले कम उम्र में ही इन लड़कियों की शादी कर रहे थे। सोमवार शाम को उनकी बरात आने वाली थी लेकिन इससे पहले ही चाइल्ड लाइन और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उनकी शादी रुकवा दी। बाद में परिजनों ने लिखकर दिया कि वो किशोरियों की 18 साल उम्र पूर्ण होने के बाद ही शादी करेंगे।
सोमवार दोपहर चाइल्ड लाइन के टोल फ्री नंबर पर सूचना मिली कि बिसौली क्षेत्र के एक गांव में 15 वर्षीय लड़की की शादी होने जा रही है। घर में शादी की तैयारियां चल रहीं हैं। शाम को संभल जिले से बरात आएगी। ये सूचना मिलते ही चाइल्ड लाइन के जिला कोआर्डिनेटर कमल शर्मा, बाल कल्याण अधिकारी तेजपाल सिंह, एसआई सतपाल सिंह और महिला कांस्टेबल बबीता कुमारी मौके पर पहुंच गए। छानबीन की तो मामला सत्य पाया गया। घर में बारातियों को खाना बनता मिला। कई रिश्तेदार आए हुए थे। लड़की के कंगन बंधा हुआ मिला। अधिकारियों ने लड़की के परिवार वालों से बात की। उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराने का मतलब जेल जाना है। ये कानून के खिलाफ है। आखिर में परिवार वालों ने शादी करने से मना कर दिया।
ऐसी ही एक शादी फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के एक गांव में होती मिली। इसमें लड़की की उम्र 17 साल थी। उसकी शाम को बरात आने वाली थी लेकिन उससे पहले ही चाइल्ड लाइन के जिला कोआर्डिनेटर कमल शर्मा और फैजगंज बेहटा इंस्पेक्टर चेतराम वर्मा मौके पर पहुंच गए। उन्हें देखकर परिवार में हड़कंप मच गया। जब नियम कानून की बात चली तो परिवार वाले डर गए और उन्होंने लिखकर दिया कि वह लड़की शादी तब तक नहीं करेंगे, जब तक वह 18 की नहीं हो जाएगी।