बदायूं। जरीफनगर थाने के गांव मालपुर ततेरा में किसी जंगली जानवर ने बाड़े में घुसकर 61 भेड़ों को मार डाला। जानवर जमीन खोदकर और सुरंगनुमा बनाकर भेड़ों के बाड़े में घुसा था। बाड़े में कुल 120 भेड़ें थीं। दो भेड़ के अवशेष जंगल में मिले हैं। सूचना पर वन विभाग की टीम और पशु चिकित्सक ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वन विभाग की टीम हमला करने वाले जानवर के संबंध में जांच कर रही है। हालांकि, गांव के लोगों का कहना है कि हमला भेड़िया ने किया है। कई दिन से गांव के आसपास भेड़िया देखा जा रहा था। जबकि वन विभाग वाले वन्य जीव के हमले ेस इनकार कर रहे हैं।
संभल जिले के थाना गुन्नौर के गांव काशीपुर निवासी गंगा सहाय भेड़ पालन का काम करता है। मालपुर ततेरा गांव में उसकी बहन नेकराम को ब्याही है। करीब 15 दिन पहले गंगा सहाय ने मालपुर ततेरा में भेड़ों का बाड़ा बनाया था। उसके पास 120 भेड़ थीं। यहां जंगल में भेड़ों के लिए अच्छा चारा मिल जाने की वजह से वह यहां आ गया था। दिन में भेड़ों को चराने के बाद रात को बाड़े में बंद कर देता था। सोमवार रात भी 120 भेड़ बाड़े में बंद थीं। रात में कोई जानवर जमीन में सुरंगनुमा छेद बनाकर बाड़े में घुस गया। उसने 61 भेड़ को मार डाला और दो भेड़ों को निवाला बना लिया। इनके अवशेष कुछ दूर जंगल में मिले। सुबह होने पर यह खबर आस-पास के गांवों में फैली तो तमाम ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। वन रक्षक अनिल राजपूत और पशु चिकित्सक डॉ. अवधेश की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। वन रक्षक अनिल राजपूत का कहना है कि हमला किस जानवर ने किया इस बारे में अभी जांच कर रहे हैं। इधर, मालपुर गांव के सतेंद्र समेत कई लोगों का दावा है कि वे कुछ दिन से गांव के आसपास भेड़िया को देख चुके हैं और उसी ने भेड़ों पर हमला किया है। दो भेड़ों के पेट और शरीर पर घाव भी थे।
सिर्फ दो भेड़ के शरीर पर मिले निशान, डीएफओ बोले-मौत की कोई और वजह
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा भेड़ों की मौत का कारण
बदायूं। भेड़ों की मौत पर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। दरअसल, बाड़े में 120 भेड़ थीं। इनमें 61 भेड़ के शव बाड़े में मिले। सिर्फ दो भेड़ के शरीर पर ही चोटों के निशान थे। बाकी के शरीर पर कहीं कोई निशान नहीं है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर बाकी भेड़ों की मौत कैसे हुई। डीएफओ राजेश सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह किसी वन्य जीव का हमला मालूम नहीं दे रहा है। सुबह से ही वन विभाग और पशुचिकित्सा विभाग की टीम जांच में जुटी रही।
वन विभाग के अनुसार मालपुर ततेरा के जंगल में जंगली सुअर, नीलगाय, सियार, हिरन और खरगोश जैसे वन्य जीव पाए जाते हैं। आमतौर पर यहां हिंसक प्रवृत्ति वाले वन्य जीव नहीं हैं। कभी कोई हिंसक प्रवृत्ति का वन्य जीव अगर भटककर आ जाता है तो वन विभाग की टीम का उसे ट्रेस करने का जिम्मा होता है। जानकारों का कहना है कि जिस तरह से बाड़े में घुसने के लिए जमीन में सुरंग बनाई गई, इस तरह से हमला भेड़िया ही करता है। डीएफओ राजेश सिंह ने बात करने पर उन्होंने बताया कि भेड़ों के मरने का कोई और कारण हो सकता है। इतनी बड़ी तादाद में भेड़ों की मौत हुई है। किसी के शरीर पर चोटों के निशान तक नहीं हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। प्रथम दृष्टया यह किसी वन्य जीव का हमला मालूम नहीं दे रहा।