बदायूं। शासन और प्रशासन कितना भी रोकने की कोशिश करे, लेकिन निकालने वाले व्यवस्थाओं में छेद निकाल ही लेते हैं। अब या तो अधिकारियों की नजरें इस पर नहीं पड़तीं या जानबूझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। कुछ ऐसा ही मामला है शहर के बीचोंबीच का, जहां व्यवस्था में ‘छेद’ नहीं बल्कि पूरी ‘खिड़की’ ही निकाल दी गई। जी हां, कुछ ऐसा ही नजारा नजर आता है गद्दीचौक स्थित मॉडल शॉप का, जहां रात दस बजे के बाद शॉप का शटर गिरने के बाद शटर में बनाई गई खिड़की से शराब बेची जाती है। दुस्साहस ये भी है कि इस खिड़की पर थाना पुलिस ही नहीं बल्कि स्वयं जिले के कप्तान तक एक बार वेल्डिंग करा चुके हैं। साफ है, कि शहर के बीचोंबीच इतना बड़ा गोरखधंधा बिना पुलिस और आबकारी महकमे के कुछ लोगों की मिलीभगत से तो नहीं हो रहा होगा। गुरुवार को जब इसका वीडियो वायरल हुआ तो अफरातफरी मच गई और सब अपनी-अपनी सफाई देने में जुट गए।
वैसे नियम के मुताबिक शराब की दुकानें सुबह दस बजे से लेकर रात दस बजे तक खुलती हैं। राष्ट्रीय पर्व समेत विशेष परिस्थितियों में इन्हें बंद रखा जाता है, लेकिन गद्दी चौक पर स्थित मॉडल शॉप पर कोई कायदे कानून लागू नहीं होते। रात के दस बजते ही मॉडल शॉप का शटर तो गिर जाता है लेकिन असली खेल तो उसके बाद शुरू होता है। यहां के सेल्समैनों ने शटर में एक खिड़की बनवा रखी है। इसका शटर तो गिरा रहता है लेकिन उसका स्टॉफ दुकान के अंदर रहता है। जो भी ग्राहक आता है, इसी खिड़की से शराब की बिक्री की जाती है। ये बिक्री रात के 12 बजे या एक बजे तक चलती है।
खास बात ये कि कुछ माह पहले एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी ने स्वयं चेकिंग के दौरान खिड़की पर शराब बिक्री होते पाई थी। उन्होंने उसी समय वेल्डिंग वाले को बुलाकर खिड़की को बंद करा दिया था, लेकिन उसके बाद सेल्समैनों ने खिड़की को फिर से खोल लिया। दो अक्तूबर को जहां सार्वजनिक अवकाश था, उस दिन भी मॉडल शॉप पर जमकर शराब की बिक्री हुई। देर शाम चेकिंग के दौरान इंस्पेक्टर कोतवाली ओमकार सिंह ने इस खिड़की पर वेल्डिंग कराई लेकिन दूसरे दिन फिर खिड़की को खोल लिया गया। तब से लेकर अब तक रोजाना रात को दस बजे से खिड़की खुलती है और शराब खरीदने वालों का मेला लगता है। खुलेआम बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रहीं हैं। न तो कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला। बुधवार रात किसी ने इसकी वीडियो बनाकर गुरुवार को वायरल कर दी तो पुलिस और आबकारी महकमे में अफरातफरी मच गई।
पुलिस पिकेट नहीं देती ध्यान
गद्दी चौक पर रोजाना रात को पुलिस पिकेट लगती है। दो होमगार्ड या पुलिस कर्मी हमेशा चौराहे पर तैनात रहते हैं। हर समय पुलिस भी इधर से आती-जाती रहती है। इसके बावजूद जानबूझकर इस पर ध्यान नहीं दिया जाता। कभी-कभी पुलिस ज्यादा भीड़ देखकर लोगों को हटा तो देती है लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं करती। साफ है कि पुलिस के संरक्षण में ही यह सब चल रहा है।
शराब को लेकर हो चुकी है फायरिंग
इस मॉडल शॉप पर शराब बिक्री के दौरान कई बार फायरिंग हो चुकी है। ये फायरिंग तभी होती है, जब शॉप पर शराब को ब्लैक में बेंचा जाता है। जिन्हें उचित दाम में नहीं मिलती, वही लोग हंगामा करते हैं। इस तरह की घटना कोई एक बार नहीं हुई है। कई बार फायरिंग हो चुकी है। इसके बावजूद पुलिस के सामने नियमों की धज्जियां बिखेरी जा रहीं हैं।
मॉडल शॉप की खिड़की पर हमने ही वेल्डिंग कराई थी। उसे फिर से तोड़ लिया गया है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसकी चेकिंग कराते हैं। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
-अशोक कुमार त्रिपाठी, एसएसपी
मॉडल शॉप हृदेश कुमार के नाम है। रात दस बजे के बाद खिड़की खोलकर शराब बेची जा रही है। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं इसका पता करता हूं, उसके बाद कार्रवाई होगी।
-सुशील कुमार, जिला आबकारी अधिकारी