बदायूं। सिविल लाइंस थाने के मालखाने से कारतूस और हथकड़ी लापता होने के मामले में नामजद हेडमोहर्रिर राजवीर से कोतवाली इंस्पेक्टर पूछताछ कर सकते हैं। इधर, हेडमोहर्रिर की हालत भी ठीक नहीं बताई जा रही है। उसका जिला अस्पताल से इलाज चल रहा है।
हेडमोहर्रिर राजवीर वैसे तो मूलरूप से बुलंदशहर का रहने वाला है। उसने उघैती में तैनाती के दौरान इंटर कॉलेज के पास एक प्लॉट खरीदा था। फिर वहीं पर मकान बनवा लिया और परिवार के साथ रहने लगा। जब राजवीर उघैती थाने में हेडमोहर्रिर था, उस समय मालखाने से जेवरात की चार पोटली गायब हो गईं थीं। उस मामले में राजवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। वर्ष 2010 में राजवीर सिविल लाइंस थाने में तैनात रहे। तब थाने के मालखाने से 20 बैनट, 303 बोर के 186 कारतूस, पिस्टल के 14 कारतूस, एलएलआर के 17 कारतूस, 38 बोर के 19 कारतूस, 12 बोर के 12 कारतूस, पांच लोहे की हथकड़ी, सात हथकड़ी रस्सा, आठ बिंडोलिया और एक चिली बम गायब हो गया था। इस मामले में भी हेडमोहर्रिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस मामले की विवेचना सदर कोतवाली इंस्पेक्टर ओमकार सिंह कर रहे हैं। अभी हेडमोहर्रिर को कोतवाली नहीं बुलाया गया है। बताया जा रहा है कि उससे पूछताछ हो सकती है।
मैं तो कई बार थाने गया था। चार्ज सौंपने के लिए भी कहा था लेकिन किसी ने चार्ज ही नहीं लिया। जो दीवान आए थे, उन्होंने चार्ज लेने से मना कर दिया था। बाद में मेरी हालत खराब हो गई और थाने नहीं पहुंच सका।
-राजवीर, रिटायर्ड हेडमोहर्रिर