बदायूं। गल्ला आढ़त के मुनीम के उस वक्त होश उड़ गए जब उसके बैग में रखे तीन लाख रुपये गायब हो गए। मुनीम के मुताबिक उसने इंदिरा चौक के पास स्थित इंडियन बैंक से छह लाख 75 हजार रुपये निकाले थे। जैसे ही वह बाहर निकला कि गेट पर दो लोग मिल गए। उन्होंने खुद को आरबीआई का कर्मचारी बताते हुए बैग चेक किया। इससे बाद वह बैग लेकर म्याऊं चला गया। वहां जाकर रकम गिनी तो तीन लाख रुपये कम थे। इसकी सूचना मिलते ही एसपी सिटी, सीओ मौके पर पहुंच गए। हालांकि पुलिस मामले को संदिग्ध मान रही है।
शहर निवासी अभिषेक गुप्ता की अलापुर थाना क्षेत्र के म्याऊं में गल्ले की आढ़त है। अलापुर क्षेत्र के गांव खरखोली निवासी चंद्रभान आढ़त पर मुनीम का काम करता है। चंद्रभान बुधवार दोपहर इंदिरा चौक स्थित इंडियन बैंक से 6.75 लाख रुपये निकालने आया था। उसने अपराह्न करीब तीन बजे बैंक से रुपये निकाले थे। चंद्रभान के मुताबिक उसने रुपये निकालने के बाद बैग में रख लिए। जैसे ही वह बैंक से बाहर निकला कि तभी उसे गेट पर मिले दो लोगों ने रोक लिया। उन्होंने कहा कि वह आरबीआई के कर्मचारी हैं। उसने जो रुपये बैंक से निकाले हैं उनकी जांच करेंगे। चंद्रभान ने रुपयों से भरा बैग उन्हें दे दिया। कुछ देर बाद उन लोगों ने रुपये चेक करने के बाद बैग लौटा दिया और वह बैग लेकर म्याऊं चला आया। चंद्रभान ने जब म्याऊं पहुंचकर रुपये गिने तो उसमें तीन लाख रुपये कम निकले। रुपये गायब देखकर उसके होश उड़ गए। उसने आढ़ती को पूरे मामले से अवगत कराया। शाम करीब पांच बजे चंद्रभान बैंक पहुंचा, वहीं से उसने सिविल लाइन पुलिस को जानकारी दी। इस पर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। बाद में एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव और सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर भी बैंक पहुंच गए।
फिलहाल देर शाम उन लोगों का कुछ पता नहीं चला। पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान रही है। पुलिस का मानना है कि बड़े नोट नीचे रखे थे और छोटे नोट ऊपर रखे थे। फिर रुपये निकालने के दौरान मुनीम को कैसे पता नहीं चला। ऐसे में तीन लाख रुपये निकल जाना पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
इस मामले में बैंक के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। पुलिस हर बिंदु पर जांच पड़ताल कर रही है। वैसे मामला संदिग्ध लग रहा है, जल्द ही पूरे मामले से पर्दा हट जाएगा।
-राघवेंद्र सिंह राठौर, सीओ सिटी