बदायूं। सहसवान तहसील के लॉकअप में हालत बिगड़ने पर बकायेदार ब्रजपाल की अस्पताल ले जाते समय हुई मौत के मामले में बिजली चोरी की रिपोर्ट में नाम को लेकर चली आ रही असमंजस की स्थिति साफ हो गई है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा है कि रिटायर हो चुके जेई अशोक शर्मा ने स्वयं बिजली चोरी पकड़ी थी। उन्होंने ब्रजपाल पुत्र ओमपाल के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जो बाद में कहीं पर किसी गलती से ब्रजपाल पुत्र ओमकार हो गई। यानी पिता का नाम गलत हो गया।
रविवार सुबह एसडीएम संजय कुमार सिंह ने रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। उन्होंने बताया कि ब्रजपाल पुत्र ओमपाल जरीफनगर का रहने वाला था। वह जरीफनगर के लेखराम यादव के मकान में किराए पर देसी दवा देने की दुकान चलाता था। आठ मई 2017 को जेई अशोक शर्मा ने जरीफनगर में बिजली चोरी को लेकर अभियान चलाया था। तभी ब्रजपाल की दुकान में बिजली चोरी होती हुई पकड़ी गई थी। जिस पर जेई अशोक शर्मा ने ब्रजपाल पुत्र ओमपाल के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में विभाग ने ब्रजपाल पर 81947 रुपये का जुर्माना भी लगाया था। यह मामला कोर्ट में पहुंच चुका था। ब्रजपाल ने जुर्माने की रकम जमा नहीं थी। इस पर उसके वारंट भी जारी हो किए गए। इसी दौरान किसी कागज पर ब्रजपाल पुत्र ओमकार लिख गया। यह गलती लिखा पढ़त करने वालों की रही, जिस पर परिवार वालों ने कहा कि बिजली चोरी के मामले में ब्रजपाल पुत्र ओमपाल नहीं बल्कि ब्रजपाल पुत्र ओमकार के खिलाफ कार्रवाई हुई थी।
बहरहाल इस मामले में दो कर्मचारियों पर गाज गिर चुकी है, जबकि दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है। एसडीएम ने उनको सस्पेंड करने की संस्तुति कर दी है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
ब्रजपाल के परिवार वाले पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ तहरीर दी थी लेकिन अब तक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। इससे परिवार वालों में आक्रोश है।
परिवार वाले कह रहे थे कि पावर कॉरपोरेशन ने ब्रजपाल पुत्र ओमकार के खिलाफ कार्रवाई की थी, जबकि उनके ब्रजपाल पुत्र ओमपाल को गलत फंसाया गया है। जांच में ऐसा साबित नहीं हुआ है। जेई ने ब्रजपाल पुत्र ओमपाल के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में बिंदुवार जांच की गई है, जिससे यह पता चला है।
-संजय कुमार सिंह, एसडीएम सहसवान