बदायूं। सहसवान तहसील की हवालात में बकायेदार की मौत के मामले में आखिरकार संग्रह अनुसेवक समेत दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया, तो वहीं तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सहसवान से हटाकर जिला मुख्यालय पर अटैच किया गया है। दोनों अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
बकायेदार ब्रजपाल (40) पुत्र ओमपाल निवासी जरीफनगर 23 सितंबर से सहसवान तहसील की हवालात में बंद था। गुरुवार सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ी। तब उसे तहसीलदार धीरेंद्र सिंह स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर करने के दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। ब्रजपाल को नायब तहसीलदार राजकुमार और अमीन आशाराम ने पकड़ा था। उसके बाद उसे तहसील की हवालात में बंद कर दिया गया। उस पर विद्युत विभाग के 81947 रुपये बकाया थे। बकायेदार युवक की मौत से परिवार वालों में कोहराम मच गया। उन्होंने तहसीलदार, एसडीएम समेत पूरे राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे। छोटे भाई महेश ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी थी। अभी मामले में रिपोर्ट तो दर्ज नहीं हुई है, लेकिन उससे पहले प्रशासनिक कार्रवाई कर दी गई।
शनिवार को एसडीएम संजय कुमार सिंह ने संग्रह अनुसेवक रामनिवास और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कन्हईलाल को निलंबित कर दिया। एसडीएम ने तहसीलदार धीरेंद्र सिंह और नायब तहसीलदार राजकुमार से घटना के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। उन्हें जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है, तो वहीं डीएम दिनेश कुमार सिंह ने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सहसवान से हटाकर जिला मुख्यालय पर अटैच कर दिया है। वहीं बिल्सी तहसीलदार दीपक कुमार चौधरी को सहसवान का चार्ज दिया गया है, जबकि तहसीलदार सदर रामनयन सिंह को बिल्सी का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है।
सहसवान कोतवाली पहुंचे परिजन, बोले-कार्रवाई करो
बकायेदार ब्रजपाल के परिवार वाले शनिवार सुबह सहसवान कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दी गई तहरीर के आधार पर कार्रवाई की मांग की। दोपहर तक परिवार वाले कोतवाली में जमे रहे और राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। बाद में पुलिस ने उन्हें जैसे-तैसे समझाबुझाकर घर भेज दिया।
नायब नाजिर भी होंगे सस्पेंड, एसडीएम ने संस्तुति भेजी
एसडीएम सहसवान संजय कुमार सिंह ने नायब नाजिर मदन मोहन को भी सस्पेंड करने के लिए संस्तुति भेज दी है। एसडीएम ने डीएम को भेजी गई रिपोर्ट में कहा है कि राजस्व हवालात और उसमें बंद बकायेदारों की व्यवस्था का दायित्व नायब नाजिर का होता है। नायब नाजिर रोजाना विलंब से आते हैं और निर्देशों की अवहेलना करते हैं।
वीडियो वायरल हुई तो मची थी अफरातफरी
शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर वायरल हुई करीब तीन मिनट की वीडियो में ब्रजपाल कहता दिख रहा है कि उसके पिता का नाम ओमपाल है जबकि पावर कॉरपोरेशन द्वारा नोटिस बृजपाल पुत्र ओमकार के नाम जारी किया गया था। इसी नोटिस के आधार पर 81 हजार 922 रुपये का जुर्माना लगाया गया। उसका यह भी कहना था कि नोटिस पर कृत्रिम गर्भाधान केन्द्र की दुकान में चोरी से बिजली जलाना दर्शाया गया है, जबकि उसकी कोई दुकान नहीं है। किसी रंजिश रखने वाले व्यक्ति ने उसका झूठा नाम लिखा दिया। वीडियो बनाए जाने के समय तक मृतक को हवालात में आठ दिन का समय व्यतीत हो चुका था। मृतक ने वीडियो में नायब तहसीलदार और संग्रह अमीन पर अपने साथ गिरेबान पकड़कर चप्पल पहनने का मौका दिए बिना ही लाकर हवालात में बंद करने का गंभीर आरोप लगाया है।
ब्रजपाल की मौत के मामले में संग्रह अनुसेवक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की लापरवाही पाए जाने पर सस्पेंड कर दिया गया है। तहसीलदार और नायब तहसीलदार को सहसवान से हटाकर जिला मुख्यालय अटैच कर दिया गया है। उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
- संजय कुमार सिंह, एसडीएम सहसवान
सहसवान के तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह को जिला मुख्यालय पर संबद्ध कर दिया गया है, साथ ही बिल्सी के तहसीलदार दीपक कुमार चौधरी को सहसवान भेजा हैं और सदर तहसीलदार रामनयन को बिल्सी का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। मामले की जांच चल रही है।
-दिनेश कुमार सिंह, डीएम
आनन फानन हवालात से रिहा किए गए अन्य बंदी
सहसवान (बदायूं)। बकायेदार बृजपाल की मौत के बाद तहसील प्रशासन में अफरातफरी है। इसी का नतीजा है कि हवालात में बंद चार बकायदारों हीरालाल पुत्र धर्मी, सोरन सिंह पुत्र गिरन्द, सायक अली पुत्र रौनक अली और हुकुमी पुत्र नत्थू को रिहा कर दिया गया। इस संबंध में तहसीलदार धीरेन्द्र कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि बंदियों द्वारा जल्द बकाया जमा करने के आश्वासन पर उन्हें छोड़ दिया गया है।
कांग्रेसियों ने धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा
सहसवान (बदायूं)। बंदी की मौत के मामले में कांग्रेसियों ने प्रदेश महासचिव ओमकार सिंह के नेतृत्व में जरीफनगर पहुंचकर मृतक के परिजन से जानकारी लेने के साथ ही ढाढ़स बंधाया। इसके बाद तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर न्यायिक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने और मृतक के परिजन को मुआवजा दिलाए जाने की मांग की।
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में लिखा है कि बंदी 11 दिनों से हवालात में बंद था और उसकी तबीयत खराब थी तो तहसील प्रशासन ने उसका इलाज क्यों नहीं कराया। पावर कॉरपोरेशन ने उसकी गलत तरीके से आरसी जारी कर दी, जिसके चलते मृतक को अपमान झेलने के साथ साथ अपनी जान गंवानी पडी। न्यायिक जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने और मृतक के परिजन को 25 लाख का मुुआवजा दिलाए जाने की मांग की। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष हाजी नूरूददीन, वफाती मियां, शफी अहमद, शमशेर अली खां, रमेश माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
पूर्व सांसद ने पीड़ित परिवार को दी 50 हजार की सहायता, 25 लाख मुआवजे की मांग
बदायूं। शनिवार शाम पूर्व सपा सांसद धर्मेंद्र यादव तहसील लॉकअप में मरे ब्रजपाल के घर जरीफनगर पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों से बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ है। उन्होंने कहा कि परिवार वालों द्वारा जो तहरीर दी गई है। पुलिस उसके अनुसार रिपोर्ट दर्ज करे। अगर नौ अक्तूबर तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होती है तो सपा धरना प्रदर्शन करेगी और पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय दिलाएगी। प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे, जिससे ब्रजपाल के बच्चों का पालन-पोषण हो सके। इस दौरान श्री यादव ने परिवार वालों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी दी। इस दौरान उनके साथ सहसवान विधायक ओमकार सिंह यादव, प्रदीप यादव, ब्रजेश यादव आदि मौजूद रहे।