बदायूं। कल्पतरू और कल्पवट की तर्ज पर लोगों को ठगने वाली प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया कंपनी के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ आखिरकार एफआईआर दर्ज हो ही गई। इसके भुक्तभोगी पिछले चार दिन से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे। बुधवार को पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया था लेकिन उनके बीच फैसला नहीं हो सका। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा ब्रह्मपुर निवासी विकास वर्मा पुत्र राजीव द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया का ऑफिस सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम बदरपुर में है। उन्होंने पांच साल तक कंपनी के खाते में 15 सौ रुपये प्रतिमाह जमा किए थे। कहा गया था कि पांच साल बाद उनको भुगतान किया जाएगा लेकिन पांच साल पूर्ण होने के बावजूद उनके रुपये नहीं लौटाए गए। प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया का मैनेजर यशवंत पुत्र गुलफाम सिंह निवासी ग्राम हसनपुर टप्पा वैश्य थाना जरीफनगर और पूर्व चेयरमैन धर्मप्रताप ने उझानी क्षेत्र के ग्राम वसोमा निवासी दर्जनों लोगों के रुपये ठगे हैं। कस्बा शेखूपुर निवासी राकेश गोस्वामी पुत्र सुरेश गोस्वामी उनसे प्रतिमाह किस्त ले जाता था। इसके लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे, जिनके माध्यम से वह लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। उसके 90 हजार रुपये और वसोमा के लोगों के करोड़ों रुपये ठग लिए गए। सिविल लाइंस पुलिस ने तीनों आरोपियों समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 420, 406, 467, 468, 471 के तहत रिपोर्ट लिख ली है। कंपनी का मैनेजर पुलिस की हिरासत में है। इधर, मैनेजर ने प्रेस को रजिस्ट्री से भेजे एक पत्र में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि कंपनी अपना सही कार्य कर रही है। समय-समय पर विज्ञप्ति जारी कर ग्राहकों को अवगत कराते रहते हैं, जिससे ग्राहकों को परेशानी न हो। कंपनी का लेन देन चेक, ड्राफ्ट, डीडी आदि से करते हैं कुछ लोग कंपनी का नाम धूमिल कर रहे हैं। किसी से कोई ठगी नहीं हुई है।
प्रेस्टीज ग्रीन इंडिया कंपनी के मैनेजर समेत तीन लोगों के खिलाफ तहरीर मिली थी, जिस पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इसमें कुछ अज्ञात लोग भी शामिल हैं। आगे मामले की जांच की जा रही है। उसमें सारी सच्चाई निकलकर सामने आ जाएगी।
ओमप्रकाश गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस