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चार दिन बैठाए रखा थाने में फिर छोड़ दिए तौफीक के हत्यारोपी

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बदायूं। तौफीक मर्डर केस में उसहैत पुलिस हत्यारोपियों की पूरी मदद पर उतर आई है, जबकि सारे सुबूत हत्यारोपियों के खिलाफ जा रहे हैं। पांच दिन पहले पुलिस ने हत्यारोपियों को पकड़ा था, फिर चार दिन तक उन्हें थाने में बैठाए रखा, उसके बाद छोड़ दिया। आरोपियों को जेल नहीं भेजने पर परिवार वालों ने डीआईजी से कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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करीब 16 वर्षीय तौफीक पुत्र तहजीब उसहैत कस्बा निवासी था। 22 जुलाई को उसे सात दोस्त भुंडी घाट की ओर बुलाकर ले गए थे। दो दोस्त बाइक पंक्चर होने पर वापस लौट आए लेकिन पांच दोस्त उसके साथ चले गए। देर रात तक तौफीक घर नहीं लौटा तो परिवार वालों को चिंता हुई। उन्होंने उसके दोस्तों के परिवार वालों से जानकारी ली तो पता चला उसके दोस्त भी घर से फरार हैं। वो तौफीक के कपड़े, मोबाइल, चप्पल भी ले गए थे। दूसरे दिन तौफीक का शव गंगा से बरामद हुआ। तीसरे दिन उसका पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट में तौफीक की गला घोंटकर हत्या बताई गई थी। उसके गले की हड्डी और एक पसली टूटी मिली थी। पुलिस करीब चार-पांच दिन तक परिजन को टहलाती रही। अधिकारियों का दबाव पड़ा, तब कहीं रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बावजूद पुलिस हीलाहवाली में लगी रही। पुलिस ने जैसे-तैसे हत्यारोपियों को पकड़ लिया। चार दिन उन्हें थाने में बैठाए रखा। उसके बाद सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया। इस पर तौफीक के परिवार वालों ने डीआईजी से कार्रवाई की गुहार लगाई। बताते हैं कि उन्होंने एसएसपी को आदेश दिया है कि वह स्वयं डॉक्टर और विवेचक के अलावा परिवार वालों से बात करें। उसके बाद कार्रवाई कराएं।
सीओ उझानी से जांच कराने की मांग
-एसओ उसहैत यह मानने को तैयार नहीं हैं कि तौफीक की हत्या हुई थी। वो पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मानने को तैयार नहीं हैं। उनके मुताबिक तौफीक की मौत गंगा में डूबकर मौत हुई थी। इस पर परिवार वालों ने कई सवाल भी उठाए थे लेकिन उनके किसी सवाल का जवाब एसओ ने नहीं दिया। इस पर परिवार वालों ने एसएसपी से एसओ से विवेचना हटवाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इसकी जांच सीओ उझानी से कराई जाए।
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डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच
-एसओ उसहैत इंद्रेश कुमार ने जिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे, उसे लिखने वाले डॉक्टर ने कहा था कि तौफीक की मौत गला दबाने से हुई थी, लेकिन चूक यह हो गई कि वो लाइन कुछ नीचे लिख गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा है, डॉक्टर भी कह रहे हैं फिर भी एसओ ने मानने से इंकार कर दिया। अब परिवार वालों की मांग पर पांच डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच करने के लिए गठित किया गया है।
अगर उसहैत एसओ ने आरोपियों को पकड़कर छोड़ दिया है तो हो सकता है कि अभी उन्हें सारे सुबूत नहीं मिले हों। वो साक्ष्य जुटा रहे हों। फिर भी मैं इसकी जानकारी करता हूं, तभी कुछ बता सकता हूं।
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विनय कुमार द्विवेदी, सीओ उझानी
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