बदायूं। बदायूं जिले में दर्जनों ‘नजमुल’ हैं जो क्विंटलों की मात्रा में डोडा का काला धंधा कर रहे हैं, लेकिन इन्हें पकड़े जाने का मामला थोड़ा ‘मंदा’ है। कभी कच्ची शराब को बदनाम रहे जिले में अब माफिया ने बड़े पैमाने पर नशीले पदार्थों के धंधे शुरू कर दिए हैं। वर्तमान समय में डोडा तस्करी का धंधा खूब फलफूल रहा है। जहां रोजाना क्विटंलों के हिसाब से डोडा की खरीद फरोख्त हो रही है, लेकिन उसे पकड़े जाने के डर से दो-चार किलो के रूप में सप्लाई किया जा रहा है। इसकी वजह आबकारी विभाग की माफिया के प्रति वफादारी है। इससे पुलिस भी मुख्य धंधेबाजों तक नहीं पहुंच रही है।
पिछले छह माह के रिकॉर्ड देखें तो पुलिस दर्जनों लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके पास से काफी मात्रा में डोडा भी बरामद हुआ है। इसके बावजूद रोजाना किसी न किसी थाने से दो-चार किलो डोडा बरामद होने की सूचना मिल रही है। 25 जुलाई को मूसाझाग पुलिस ने एक व्यक्ति को ढाई किलो डोडा के साथ पकड़ा था। उसने अपना नाम सोनू पुत्र इकबाल निवासी बक्सेना बताया था। वहीं 18 जुलाई को फैजगंज बेहटा पुलिस ने 13 किलो डोडा के साथ तीन लोगों को पकड़ा था। यह डोडा शहर के मोहल्ला ब्रह्मपुर निवासी अजय पुत्र रामबाबू, मोहम्मद आसिम पुत्र छोटे हसन निवासी नीलोखेड़ी, थाना डिडोली जिला अमरोहा और सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के खेड़ा नवादा निवासी मोहम्मद नसीम खां पुत्र शरीफ खां ले जा रहे थे। पुलिस ने इनको गिरफ्तार करके जेल भेज दिया लेकिन अभी तक यह पता नहीं चला कि आखिर यह डोडा कहां से ला रहे थे और कहां ले जा रहे थे। इससे पहले भी कई थानों में डोडा तस्करी करते हुए लोग पकड़े गए थे। उन मामलों में भी पुलिस उनकी गिरफ्तारी से लेकर उन्हें जेल भेजने से आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों की माने तो जिले में डोडा माफिया नजमुल की तरह ही न जाने कितने अपने पैर जमाए हुए हैं, जो लगातार डोडा का धंधा कर रहे हैं। फिर भी न तो उन तक पुलिस पहुंच रही है और न ही आबकारी विभाग अपने पैर हिला रहा है।
अभी इस मामले की जांच चल रही है। जांच पूर्ण होने के बाद ही नजमुल का गिरफ्तारी वारंट लेंगे। हम उसकी गिरफ्तारी के नजदीक हैं। उसकी लगातार तलाश की जा रही है।
राजीव कुमार, एसओ उसावां