बदायूं। बहुचर्चित पिस्टल कांड की चल रही जांच के मामले में मंगलवार को क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर बदायूं पहुंचे और कुछ लोगों से पूछताछ की। उन्हें कुछ क्लू और मिले हैं, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। इधर म्याऊं बाजार में पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर व उसके साथी के पास बरामद पिस्टलों के मामले में भूरा का नाम सामने आ रहा है। भूरा ही वह व्यक्ति है जिसे पुलिस ने पिस्टल कांड में सबसे पहले पकड़ा था और उसकी निशानदेही पर एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन, उसके बेेटे, गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत कई लोगों को उस रात उठाया गया था। भूरा का नाम सामने आने पर एक बात तो साफ हो गई है कि यह नेटवर्क पुलिस की आंखों में धूल झोंककर अब भी अपना धंधा जोरों पर चला रहा है। क्राइम ब्रांच के अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि एक बड़ा नेटवर्क इस धंधे के पीछे काम कर रहा है।
नवंबर -18 में पुलिस ने एक नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन के गन हाउस पर काम करने वाले नौकर समेत नौ लोगों को पकड़ा था। उनके पास से मुंगेर की आठ पिस्टल बरामद हुई थीं। बताते हैं कि जब पुलिस को पता चला कि इसमें कई मालदार भी फंसे हैं तो पुलिस ने कार्रवाई के बजाय लोगों को पकड़ने के बाद उनसे मोटी रकम वसूलकर उनको छोड़ दिया। अगले दिन केवल नौ लोगों के साथ आठ पिस्टल की बरामदगी दिखाई गई। बताते हैं कि मुखबिरी के आधार पर पुलिस ने सबसे पहले ककराला निवासी भूरा को पकड़ा था। उसकी निशानदेही पर ही पूर्व चेयरमैन, उनके बेटे तथा नौकर समेत कई लोगों को उस रात उठाकर पूछताछ की गई थी। सूत्रों केे मुताबिक कुछ दिन पूर्व म्याऊं बाजार में पिस्टलों के साथ पकड़े गए हिस्ट्रीशीटर चांद मोहम्मद और बंटी उर्फ अमित ने भी पूछताछ के दौरान पुलिस को भूरा का नाम बताया है।
इधर क्राइम ब्रांच के सीनियर इंस्पेक्टर कृष्णमुरारी मंगलवार को बदायूं पहुंचे और संबंधितों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि इस कांड में पकड़े गए शिवपुरम निवासी विनोद गुप्ता से पूछताछ की गई है, जबकि उसका बेटा शिवम गुप्ता नहीं मिला। कुछ और लोगों से भी पूछताछ की गई है, जिसके आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।