बदायूं। शहर के समीप स्थित खेड़ा व नवादा में वाल्मीकि शोभायात्रा मंच को लेकर चले आ रहे कई वर्ष पुराने विवाद का निपटारा हो गया है। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मनोज मसीह ने खेड़ा और नवादा के वाल्मीकि समाज के लोगों के बीच मध्यस्थता कराते हुए विवाद समाप्त करा दिया। तय हुआ कि अब दोनों तरफ कोई मंच नहीं लगेगा और आपसी सहमति से शोभायात्रा निकाली जाएगी।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में गांव खेड़ा और नवादा से शोभायात्रा निकाली जाती है। कुछ समय से यहां मंच को लेकर दोनों गांवों के लोगों में मनमुटाव हो गया था। रविवार को उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मनोज मसीह ने दोनों गांव के बाल्मीकि समाज के लोगों को बुलाकर बातचीत की। आपसी सहमति से विवाद निपटाने की बात की गई। निर्णय किया गया कि 13 अक्तूबर को निकलने वाली महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा का शुभारंभ नवादा वाल्मीकि मंदिर से होगा। खेड़ा बुजुर्ग और आरिफपुर नवादा गांव के लोग मिलकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे। वाल्मीकि मंदिर में पूजा अर्चना के बाद महर्षि वाल्मीकि की झांकी नवादा डिवाइडर से मुड़कर पीछे वाले डिवाइडर से खेड़ा बुजुर्ग पहुंचेगी। यहां खेड़ा बुजुर्ग के लोग पूजा अर्चना करेंगे। इसके बाद वाल्मीकि की झांकी शोभायात्रा में शामिल हो जाएगी। इस दौरान विकास कुमार, सुभाष दयाल, कालीचरन, दीपक, सुरजीत, चंदालाल आदि मौजूद रहेे।