जरीफनगर (बदायूं)। सहसवान तहसील की हवालात में हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल ले जाते समय हुई बकायेदार की मौत के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बकायेदार के छोटे भाई ने एसडीएम, तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दे दी है। शुक्रवार सुबह भी उन्होंने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बमुश्किल उन्हें शांत किया और कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं परिवार वाले शव को अंतिम संस्कार करने के लिए ले गए।
कस्बा निवासी ब्रजपाल (40) पुत्र ओमपाल को राजस्व विभाग की टीम ने 23 सितंबर को पकड़ा था। उसी दिन उसे सहसवान तहसील की हवालात में बंद कर दिया गया था। ब्रजपाल के खिलाफ करीब एक साल पहले बिजली चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तभी पावर कॉरपोरेशन ने 81 हजार 947 रुपये का जुर्माना लगाया था, जबकि ब्रजपाल कहता आ रहा था कि उसके खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट नहीं हुई है, बल्कि किसी ब्रजपाल पुत्र ओमकार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। उसे बेवजह परेशान किया जा रहा है। मौत से दो दिन पहले ब्रजपाल ने बयान भी दिया था कि राजस्व विभाग की टीम उसको बगैर किसी जुर्म के यातनाएं दे रही है। आरोप है कि उसे गिरेबान पकड़कर तहसील लाया गया था और उसके साथ मारपीट भी की गई थी। गुरुवार को हवालात से जिला अस्पताल लाते समय उसकी रास्ते में मौत हो गई थी। उसके इस बयान की वीडियो भी वायरल हुई थी।
गुरुवार देर रात परिवार वाले पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर सहसवान कोतवाली पहुंचे। छोटे भाई महेश ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ तहरीर दी। परिवार वाले सुबह तक कार्रवाई का इंतजार करते रहे। जब कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार वाले सुबह जरीफनगर थाने पहुंचे। उन्होंने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने को कहा। मामला आगे न बढ़े, ऐसे में एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा, एसपी देहात डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह और सीओ सहसवान पहुंच गए। उन्होंने परिवार वालों को आश्वासन दिया कि उनकी ओर से कार्रवाई की जाएगी। तब कहीं परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
वीडियो हुआ वायरल
मौत से दो दिन पहले किसी ने ब्रजपाल का वीडियो बनाया था, जिसमें उसने तहसील प्रशासन पर तमाम गंभीर आरोप लगाए थे। इस वीडियो में ब्रजपाल खुद को बेगुनाह बता रहा है। इससे तहसील प्रशासन में अफरातफरी है।
ये तहसील का मामला है। जो भी कार्रवाई होगी, प्रशासनिक स्तर पर होगी। हम तो सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से जरीफनगर पहुंचे थे।
-डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी देहात
डीएम की ओर से मजिस्ट्रेटी जांच के लिए नामित किया गया है। जांच की जाएगी। लोगों से साक्ष्य मांगे जाएंगे। उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके दी जाएगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
-पारस नाथ मौर्य, एसडीएम सदर/ जांच अधिकारी
भाकियू ने भी तहसील प्रशासन पर लगाए आरोप, प्रदर्शन
सहसवान (बदायूं)। भारतीय किसान यूनियन ने भी युवक की मौत के मामले में तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर जांच कराने की मांग की और कार्रवाई न होने पर नौ अक्तूबर से तहसील प्रांगण में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी। यूनियन जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में लिखा है कि भाकियू कार्यकर्ता ब्रजपाल की मौत तहसील प्रशासन की लापरवाही और यातनाओं के कारण हुई है। इसमें पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन जेई, तहसीलदार और अमीन शामिल है। इन लोेगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इन्हें जेल भेजा जाए। इस मौके पर मंडल उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह, रामकुमार सिंह, अनवार, लटूरी सिंह, नन्दकिशोर, राकेश, नसरीन, सोमवती, तुलसीराम, ओमपाल, विजय सिंह, नंदन सहाय आदि मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने की न्यायिक जांच कराने की मांग
सहसवान। तहसील हवालात में बंद बकायेदार की हालत बिगड़ने से मौत के मामले में अधिवक्ताओं ने मृतक के परिजन को निशुल्क कानूनी सहायता देेने का एलान किया, साथ ही डीएम को ज्ञापन भेजकर मृतक के परिजन को आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की मांग की। अधिवक्ताओं ने कहा कि मजिस्ट्रेटी के स्थान पर न्यायिक जांच कराई जाए ताकि न्याय हो सके। जांच के दौरान तहसीलदार को सहसवान से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो। मृतक के आश्रितों को 20 लाखा रुपये आर्थिक सहायता राशि दी जाए। बैठक में बार एसोसिएशन अध्यक्ष रियाज अहमद खां, सत्यभान सिंह, उबैदुर्रहमान, जितेन्द्र सिंह यादव, महावीर सिंह, सूरजपाल सिंह, मुहम्मद तारिक आदि मौजूद रहे।