चारों चरणों के चुनाव हो जाने के बाद बहुप्रतीक्षित मतगणना शुरू हो गई लेकिन जिला पंचायत के 51 पदों के लिए 456 प्रत्याशी अपनी जीत-हार को लेकर देर शाम तक आशंका पर डूबे रहे। कई ब्लाकों में जिला पंचायत के क्षेत्र होने के कारण मतों की गणना भी अलग-अलग ब्लाकों में चलती रही। मतों के सामंजस्य को लेकर गणना और संयोजन में कोई गलती न हो जाए इस भय से भी देरी होती रही। इस देरी में जिला पंचायत के सदस्य पदों के उम्मीदवारों की धड़कने भी अनियंत्रित हो रही थीं।
पूर्व में जिले में जब 18 ब्लाक थे तब जिला पंचायत के सदस्यों की संख्या 49 थी। उस समय जिला पंचायत के क्षेत्र भी बड़े थे। इस बार 15 ब्लाक हैं और नए क्षेत्र गठन में जिला पंचायत के सदस्य क्षेत्र 51 हैं। छोटे क्षेत्र हो जाने, लेकिन एक-दूसरे ब्लाक में शामिल होने के कारण इनके मतों के समायोजन को समस्या बनी रही। यह समस्या पहले भी आई थी। लेकिन जिला मुख्यालय पर इनके मतों को कंपाइल किया जाता रहा था। इस बार यह काम ब्लाकों के ही भरोसे है। जिला पंचायत सीटों को लेकर जीत में बढ़त को लेकर ही जीत हार की कल्पना होती रही। देर रात तक इन सीटों को लेकर जिला पंचायत के सदस्य पद के उम्मीदवार और उनके समर्थक संबंधित ब्लाकों में अपने-अपन एजेंटों से ही टोह लेते रहे।
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दिग्गजों से जुड़े जिपं प्रत्याशियों पर रही सबकी नजर
बदायूं। इसके बावजूद बिसौली के विधायक आशुतोष मौर्य की बहन मधु चंद्रा बगरैन से आगे चल रही हैं। पूर्व बसपा विधायक योगेेंद्र सागर की पत्नी प्रीति सागर और बिसौली के विधायक मौर्य की भतीजी नेहा सिंह में कभी आगे-पीछे चलते बराबर की टक्कर मानी जा रही है। दोनों में कौन आगे निकले इसे लेकर खलबली मची हुई है। अनुसूचित जाति के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट आरक्षित है। इसलिए इनकी अध्यक्ष पद पर भी दावेदारी सुनिश्चित मानी जा रही है। इधर, वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चेतना सिंह यादव के पायलट पुत्र कैप्टन अर्जुन सिंह यादव भी आगे चल रहे हैं। वहीं देर शाम की गणना के अनुसार सपा के दिग्गज नेता हर प्रसाद पटेल की पुत्रवधू कल्पना पटेल भी मतगणना में पिछड़ती जा रहीं थीं। ककोड़ा जिला पंचायत की सीट से भाजपा समर्थित राजेश्वर सिंह कश्यप उर्फ राजू प्रधान बढ़त बनाए हुए हैं।