थाना वजीरगंज में निर्माणाधीन भवन। संवाद
- फोटो : थाना वजीरगंज में निर्माणाधीन भवन। संवाद
बदायूं। वजीरगंज थाने में आरक्षियों को रहने के लिए चार मंजिला बैरक का निर्माण 1.89 करोड़ रुपये से कराया गया है। भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन जगह-जगह से उसमें दरारें आने लगीं। इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार ने इसकी जानकारी एसएसपी को दी। एसएसपी ने 35 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया है। वहीं, मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
थाने में निर्माण कार्य पुलिस प्रशासन व थाना प्रभारी की देखरेख में करीब एक साल पहले शुरू कराया गया। मार्च 2025 तक इसका निर्माण पूरा होना था। अप्रैल में हैंडओवर करना था। इसी दौरान प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार कर तबादला कुंवरगांव को हो गया। उनके स्थान पर मूसाझाग से जितेंद्र कुमार सिंह को वजीरगंज का प्रभारी बनाया गया।
उन्होंने देखा कि भवन की दीवारों में दरारें पड़ने लगीं है। खिड़िकियों के शीशे टूटकर गिरने लगे। विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है और भवन क्षतिगस्त होने लगा। इंस्पेक्टर ने इसकी जानकारी एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह को दी। उन्होंने जांच कराने के बाद ठेकेदार का 35 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया है। अब इस पूरे मामले की जांच को कमेटी गठित की गई है।
बिजली फिटिंग भी नहीं कराई
- ठेकेदार लगातार भवन हैंडओवर करने के लिए चक्कर लगा रहा है। अभी तक बिजली फिटिंग नहीं कराया गया है। ऐसे में अब उसका भुगतान भी रुक गया है। अब वह नेताओं के चक्कर लगा रहा और भुगतान कराने की फिराक में है।
कोट
ठेकेदार का अधिकांश भुगतान तो हो चुका था, लेकिन शिकायत मिली तो 35 लाख रुपये का भुगतान रोक दिया है। मामले की जांच को कमेटी गठित कर दी गई है। जांच के बाद व भवन हैंडओवर होने पर ही शेष भुगतान किया जाएगा। मानकों की अनदेखी पाई जाती है तो कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।- डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी