बदायूं। उझानी क्षेत्र के गांव अब्दुल्लागंज निवासी रामसेवक पुत्र रामदयाल ने वाद दायर किया है। इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए प्रबंध निदेशक मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ व अधिशासी अभियंता वितरण खंड चतुर्थ उझानी को स्थायी लोक अदालत ने नोटिस जारी किया है।
रामसेवक ने बताया है कि उनके घर पर एक किलोवॉट का कनेक्शन था। उसने अपने बेटों के लिए मकान का बंटवारा कर दिया है। दोनों बेटों ने अपने नाम के कनेक्शन लगवा लिए हैं। इसलिए कनेक्शन की कोई आवश्यकता नहीं थी। आठ अगस्त 2022 को उन्होंने कनेक्शन कटवाने के लिए 300 रुपये जमा कर दिए। इसके बाद कनेक्शन कट गया। इसका पत्र एसडीओ उझानी ने 10 अगस्त को जारी किया था।
19 मार्च 2025 को अधिशासी अभियंता कार्यालय से से एक पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें बताया गया था कि उनके खिलाफ बिजली चोरी की रिपोर्ट 25 जनवरी को दर्ज कराई गई है। साथ ही 1,29,805 रुपये का बिजली बिल भी भेजा गया। नीचे लिखा कि इस पर कोई आपत्ति है तो 15 दिन के अन्दर प्रस्तुत करें। कार्यालय जाकर बताया गया, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
हारकर उसने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया। उन्होंने बिजली बिल का 1,29,805 रुपये का बिल निरस्त करने के साथ ही पांच हजार रुपये अधिवक्ता खर्चा व दस हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति भी दिलाने की मांग की है। वाद दायर हाेने के बाद अदालत ने नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।