बदायूं। किसान बीमा दुर्घटना की राशि की फाइल निरस्त होने के बाद पीड़िता ने वाद दायर किया। इस पर राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव समेत सात अफसरों को स्थायी लोक अदालत ने 23 दिसंबर को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है।
कुंवरगांव थाना क्षेत्र के गांव युसुफनगर निवासी अंजलि ने 18 नवंबर को वाद दायर किया था। अंजलि ने बताया कि उनके पति विजय प्रताप पांच फरवरी की रात नौ बजे अपनी मां ममता देवी को बाइक से सिकन्दराऊ (हाथरस) से गांव सिंघौली लेकर लौट रहे थे। उझानी ब्लॉक के सामने उसकी ननद व अन्य रिस्तेदार मिल गए। बाइक रोककर पति उनसे बातचीत करने लगे। इसी दौरान बदायूं की ओर से आ रहे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉला के चालक ने पति, सास ममता देवी व अन्य रिस्तेदारों को टक्कर मार दी। हादसे में पति व सास गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान पति की मौत हो गई।
उन्हाेंने बताया कि पति खेती करके परिवार का पालन करते थे। पति की मौत के बाद किसान दुर्घटना बीमा के लिए आवेदन किया। जिसकी हार्ड कॉपी जिलाधिकारी कार्यालय में जमा की। कुछ समय बाद आवेदन चेक कराया तो पता लगा कि उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया है। इसमें एसडीएम ने जांच में अपात्र करने का उल्लेख किया है।
पीड़िता ने कोर्ट में दायर वाद में पांच लाख रुपये की बीमा राशि व मानसिक प्रताड़ना की धनराशि एक लाख रुपये दिलाने की मांग की है। कुल धनराशि अंकन छह लाख रुपये 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दुर्घटना होने की दिनांक से वाद के निस्तारण तक दिलाने की मांग की है। अदालत ने 23 दिसंबर को राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव, अपर सचिव, आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद, एसडीएम, तहसीलदार व लेखपाल को अपना पक्ष रखने की तिथि निर्धारित की है।