माफिया सरगना विक्की त्यागी की मुजफ्फरनगर कोर्ट में गोलियों से भूनकर हत्या किए जाने के बाद यहां भी कोर्ट परिसर की सुरक्षा सवालों के घेरे में है। कोर्ट परिसर में प्रवेश के लिए बने मेन गेट के साथ चार बाईपास दरवाजे भी हैं। सुरक्षा के लिहाज से पांचों गेट अहम हैं लेकिन पुलिस मेन गेट के अलावा बाकी की सुरक्षा को दरकिनार कर रही है। पुरानी वारदातों से भी सबक नहीं लिया जा रहा। कोर्ट परिसर से कई बार बंदियों के फरार होने की घटनाएं हो चुकी हैं। इसके अलावा पिछले महीनों एक न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट के बाहर धमकी भरा पत्र भी चस्पा किया जा चुका है।
जिला जेल से रोज बंदी पेशी पर कोर्ट में आते हैं। इनमें कई शातिर अपराधी भी होते हैं। तमाम बंदियों की जान को खतरा भी रहता है। पिछले महीनों ही एक बंदी ने मौका पाकर कोर्ट परिसर से फरार होने की कोशिश की थी। एक बार कोर्ट परिसर में दो पक्षों के बीच फायरिंग की घटना भी हो चुकी है। पुलिस पुरानी घटनाओं से सबक लेने की जरूरत नहीं समझती। परिसर की सुरक्षा में चार बाईपास दरवाजे सेंध लगा रहे हैं। इनको पुलिस ने भगवान भरोसे छोड़ दिया है। मुजफ्फरनगर कोर्ट में गैंगवार के बाद यहां भी कोर्ट परिसर की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।