बदायूं। करीब सोलह साल पुराने दोहरे हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश द्वादश रविकांत ने नामजद दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों के पक्षों ने एक-दूसरे के ऊपर गोली चलाई थी। कोर्ट ने एक पक्ष के आरोपी पर 15 हजार और दूसरे पक्ष के आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
मामला बिनावर थाने के भूरीपुर कुसैना गांव का है। चौकीदार ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पप्पू ने दो दिन पहले अपने मकान के पीछे ग्राम समाज की जमीन से मिट्टी खोदकर अपने घर में भराव डाला था। इसका गांव के चरन सिंह ने विरोध किया, इससे दोनों लोगों में कहासुनी हो गई। इसी दौरान चरन सिंह की ओर से जगपाल भी लड़ने आ गए। जबकि पप्पू की ओर से भगवान सिंह तमंचा लेकर पहुंच गया। उसने चरन सिंह के ऊपर गोली चलाई लेकिन वह गोली जगपाल को लग गई। इधर, जगपाल के भाई वेदपाल को पता चला कि उसके भाई को गोली मार दी है तो वह भी बदला लेने के लिए आ गया। उसने भगवान सिंह पर गोली चलाई लेकिन वह पप्पू को लग गई। इस पर दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। इनमें कोई पक्ष थाने नहीं गया। पुलिस ने चौकीदार ओमप्रकाश की सूचना पर चरन सिंह और वेदपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। बाद में दोनों घायलों की मौत हो गई। इस पर चरन सिंह ने भी भगवान सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले और गैर इरादतन हत्या के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने भगवान सिंह और दूसरे केस में चरन सिंह व वेदपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। चरन सिंह के गैरहाजिर होने से उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
अपर सत्र न्यायाधीश रविकांत ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अतुल कुमार सिंह और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने चरन सिंह पक्ष के वेदपाल को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा के साथ 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है और पप्पू पक्ष के भगवान सिंह को भी गैर इरादतन हत्या में उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। संवाद