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गैर इरादतन हत्या में 10 साल की सजा, जुर्माना

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बदायूं। करीब छह साल पहले जमीन को लेकर गालीगलौज के दौरान छुरी मारकर हत्या करने के मामले में युवक को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने मुजरिम ठहराया है। कोर्ट ने 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषसिद्ध पर कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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थाना उसहैत निवासी सत्यराम ने 20 मार्च 2016 को थाना उसहैत पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वादी ने बताया कि अपने मामा ओमकार के घर ग्राम असगुना थाना उसहैत आया था। 20 मार्च 2016 की शाम को सात बजे उसका रिश्ते का भाई सोरन निवासी ग्राम असगुना थाना उसहैत जमीन को लेकर गालीगलौज कर रहा था। वादी के मामा ओमकार के कोई पुत्र नहीं था। सोरन उसकी जमीन अपने नाम कराना चाहता था। ओमकार ने गाली देने को सोरन से मना किया। तभी उसने छुरी से ओमकार के सीने पर वार किया। इसी दौरान ओमकार की पत्नी रेखा उसको बचाने को बीच में आई। जिससे उसके पेट में छुरी लग गई और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इलाज के दौरान अस्पताल में रेखा की मृत्यु हो गई। सत्यराम ने सोरन पुत्र राम सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सोरन के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। विचारण के दौरान वादी व अन्य सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। कोर्ट ने सोरन को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया। कोर्ट ने सोरन को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी डाला है।
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मृतका रेखा ने मृत्यु पूर्व पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि सोरन ने उसके पति पर हमला किया था। उसको बचाने के कारण उसके पेट में छुरी लगने से वह घायल हो गई। कोर्ट ने चुटैल रेखा के पुलिस को दिए बयान को मृत्यु पूर्व बयान मानकर सजा सुनाई है। जबकि सभी गवाह अपने बयानों से मुकर गए थे। -संजीव कुमार गुप्ता अपर जिला शासकीय अधिवक्ता
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