बदायूं। करीब नौ साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कुंदन किशोर ने एक व्यक्ति को सात साल की सजा सुनाई है, साथ ही सात हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है, जबकि तीन को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।
थाना बिल्सी क्षेत्र के गांव कटिन्ना निवासी रविंद्र सिंह पुत्र जयपाल सिंह ने रिपोर्ट लिखाई थी उसके गांव का श्याम बाबू पुत्र रक्षपाल सिंह जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। जिसमें रविंद्र सिंह ने दूसरे पक्ष का चुनाव लड़ाया था। इसी के चलते श्याम बाबू उससे रंजिश मानता था। छह नवंबर 2010 को उसका बेटा राहुल खेत से घर वापस आ रहा था। श्याम बाबू ने अनिल उर्फ अल्लू पुत्र हरपाल, जसबीर पुत्र सूबेदार और सोनू पुत्र रामबाबू के साथ उसके बेटे राहुल को एकराय होकर घेर लिया। श्यामबाबू ने उस पर जान से मारने की नीयत से फायर किया, जिससे उसका बेटा राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया। रविंद्र सिंह ने अनिल उर्फ अल्लू पुत्र हरपाल, श्यामबाबू पुत्र रक्षपाल सिंह, जसवीर पुत्र सूबेदार और सोनू पुत्र रामबाबू निवासी गण कटिन्ना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अपर सत्र न्यायाधीश कुंदन किशोर ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद अनिल उर्फ अल्लू को सात साल की कैद की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। साक्ष्यों के अभाव में श्याम बाबू,जसवीर और सोनू को बरी कर दिया है।