बिल्सी (बदायूं)। हाथरस में भोले बाबा के सत्संग स्थल पर हुए हादसे में नगर के मोहल्ला संख्या पांच निवासी एवं बाबा की सेवादार कमलेश अपनी बेटी रोशनी के साथ गईं थीं। उनकी बेटी इस हादसे का मंजर देखकर सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसकी हार्टअटैक से मौत हो गई। वह खुद भगदड़ में मामूली रूप से घायल हो गईं थीं। भीड़ में मची भगदड़ का मंजर सुनाते हुए वह बोलीं- साहस और धैर्य के साथ भीड़ से बाहर आईं, तब बच पाईं।
कमलेश कुमारी ने बताया कि वह लंबे समय से बाबा की सेवादार हैं। भीड़ और भगदड़ के दौरान वह बेटी रोशनी से काफी दूर थीं। कमलेश ने बताया कि सत्संग स्थल पर बाबा का कार्यक्रम संपन्न हो गया था। सभी लोग धीरे-धीरे निकल रहे थे। तभी वहां चरण रज लेने और बाबा के दर्शन करने के लिए कई महिलाएं आगे आईं और रास्ते की मिट्टी चिकनी होने से फिसल गईं। पीछे से लोगों की भीड़ थी। भीड़ ने उनको कुचल दिया। इसके बाद अफरातफरी मच गई।
बोलीं, लोग अपनों को बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस भीड़ में वह भी दब गईं। किसी तरह उन्होंने खुद को भीड़ से अलग किया और अपनी जान बचाई। फिर बेटी रोशनी की तलाश शुरू की। मगर वह भीड़ में कहीं नजर नहीं आई। कुछ समय बाद जानकारी मिली कि उनकी बेटी की मौत अस्पताल में हार्टअटैक के चलते हो गई है। कमलेश ने बताया कि उसकी बेटी की मौत चिकित्सा विभाग की लापरवाही के कारण हुई है। यदि हाथरस जिला अस्पताल में चिकित्सा की बेहतर सेवाएं होतीं तो उनकी बेटी की मौत नहीं होती।