मछली पालन को आवंटित तालाब पाटकर खेती करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। कहा डीएम अविलंब कार्रवाई करें। यह फैसला तहसील बिल्सी क्षेत्र के परगना इस्लामनगर के विक्रमपुर चरसौरा गांव निवासी कैलाश चंद्र की जनहित याचिका में मुख्य न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूढ़ व सहयोगी न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार की पीठ ने सुनाया है।
याचिका में साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि तालाब का पट्टा गांव के लाल सिंह के नाम मत्स्य पालन के काम के लिए हुआ। गांव का एकमात्र तालाब में ग्रामीणों द्वारा कपड़े धोने पशुओं का नहलाना, पानी पिलाने सहित स्नान के काम के लिए वर्षों से चला आ रहा है। जबकि पट्टेदार ने तालाब को पाटकर समतल बना दिया और उस पर धान की फसल लगाई। इसके चलते ग्रामीणों को उनके दैनिक कार्यों में व्यवधान पड़ने लगा है। हाईकोर्ट ने तालाब से व्यवधान हटवाए जाने का डीएम को कड़े निर्देश दिए है।