बदायूं। सोमवार को जिला अस्पताल से एक कोरोना संदिग्ध मरीज स्टाफ को चकमा देकर भाग गया। यह मरीज इस्लामनगर से लाया गया था। विभागीय कर्मचारियों ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।
इस्लामनगर कस्बे के एक मोहल्ला निवासी व्यक्ति को किसी ने कोरोना संदिग्ध बता कर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी। इस पर स्वास्थ्य केंद्र से एक टीम उसके घर पहुंची और उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां से मरीज स्टाफ को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। इसकी सूचना पर पुलिस ने मरीज की तलाश शुरू कर दी है। इधर, सोमवार को बिल्सी क्षेत्र के एक युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये युवक बीस दिन पहले गोआ से लौटा था। तभी से उसकी हालत खराब है। उधर, जरीफनगर क्षेत्र के ग्राम रदनौल अजीजपुर निवासी एक युवक एक दिन पहले केरल से लौटा था। गांव के लोगों ने उसे कोरोना संदिग्ध बताते हुए स्वास्थ्य विभाग को सूचना दे दी। जिस पर टीम उसे स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहीं दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भटौली निवासी दो युवकों को कोरोना संदिग्ध बताकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कोरोना वायरस के चलते स्वास्थ्य विभाग बेहद सतर्क है। इस समय जिस व्यक्ति को कोरोना संदिग्ध माना जा रहा है। विभाग तुरंत उसकी जांच करवा रहा है। एक दिन पहले भेजे गए तीन सैंपल निगेटिव निकले हैं। सोमवार को तीन सैंपल और भेजे गए। अभी उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में रविवार को एक महिला अधिवक्ता समेत तीन संदिग्धों को भर्ती कराया गया था। महिला अधिवक्ता दिल्ली से जवाहरपुरी स्थित अपने रिश्तेदार के यहां लौटी थी। उसकी हालत ज्यादा गंभीर बनी हुई है। इस समय उसे कोरोना वार्ड में ऑक्सीजन दी जा रही है। अधिवक्ता और दो अन्य संदिग्धों के सैंपल सोमवार को भेजे गए हैं। बाकी दो दिन पहले भेजे गए सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई। तीनों सैंपल निगेटिव निकले हैं।