बदायूं। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए प्रदेश भर में अभी चुनिंदा लैब ही हैं। जहां पर काफी संख्या में सैंपल पहुंच गए है। ऐसे में समय से जांच नहीं हो पा रही है। कहीं-कहीं पर लैब कुछ जिलों के सैंपल भी वापस कर रहे हैं, क्योंकि वहां पर पहले ही सैंपल ज्यादा हैं। इसको देेखते हुए प्रदेश सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लैब खोलने का फैसला लिया है। इसमें बदायूं भी शामिल किया गया है। हालांकि राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का कहना है कि शासन स्तर से सहमति बनी है, लेकिन अभी उन्हें कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि शासन स्तर से पहले बीएसएल-2 की बात चल रही थी, लेकिन अब यहां पर प्री फैब्रीकेटेड बॉयोसेफ्टी लैबोरेटरी (बीएसएल -3) लैब बनाने की बात सामने आई है।
सरकार की तरफ से बदायूं, बांदा, सहारनपुर, कन्नौज, आजमगढ़, अंबेडकर नगर और जालौन के मेडिकल कॉलेज में लैब बनाने का निर्णय लिया गया है। बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के अनुसार पहले यहां पर बीएसएल-2 बनाने पर विचार चल रहा था। लेकिन अब मेडिकल कालेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में प्री फैब्रीकेटेड बॉयोसेफ्टी लैबोरेटरी (बीएसएल-3) बनाई जाएगी। हालांकि अभी तक कॉलेज प्रशासन के पास लिखित में लैब बनाने के लिए निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। लेकिन कॉलेज प्रशासन को मिली जानकारी के अनुसार जल्द ही लैब का काम शुुरू हो जाएगा।
लैब बनाने में खर्च होंगे साढ़े चार करोड़ रुपये
राजकीय मेडिकल कॉलेज में जो प्री फैब्रीकेटेड बॉयो सेफ्टी लैबोरेटरी (बीएसएल-3) लैब बनाई जाएगी, उसकी लागत करीब साढ़े चार करोड़ रुपये होगी। इसमें काफी आधुनिक सुविधाएं होंगी।
पहले यहां पर बीएसएल-2 लैब बनाए जाने की बात चल रही थी, लेकिन अब पता चला है कि यहां पर बीएसएल-3 लैब बनाई जाएगी, जो आधुनिक लैब है। यहां पर कम समय में अधिक नमूनों की जांच हो सकेंगी। लैब बनाने के संबंध में शासन से जानकारी मिली है, लेकिन अभी पत्र नहीं आया है। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज