बदायूं। चीन के कोरोना वायरस का असर भारतीय बाजार पर हो रहा है। अधिकांश चीजों के चीन से आयात होने तथा कलपुर्जों के लिए चीन पर निर्भर होने का असर बाजारों पर दिखाई देने लगा है। हर आदमी की जरूरत माने जाने वाले मोबाइल फोन पर महंगाई छाने के आसान नजर आने लगे हैं। पहले जहां हर कंपनी महीने-दो महीने में हर मॉडल पर रेट घटा देती थी वहीं अब रेट स्थिर हो गए हैं। इसके अलावा एक्सेसरीज पर महंगाई का असर दिखाई देने लगा है। इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट भी इससे अछूता नहीं रहा। कारोबारियों के अनुसार एल्युमीनियम वायर का आयात चीन से होता है, लेकिन अब यह बंद होने के कारण इस गर्मी कूलर आदि मंहगे होने की संभावना है, साथ ही भविष्य में इनकी शॉर्टेज होने की भी संभावना जताई जा रही है। एलईडी पर तो महंगाई बढ़ ही गई है।
कोरोना वायरस के हमले से चीन में हाहाकार मचा है। भारत में भले ही अभी वायरस का असर न हो लेकिन जल्द ही यह भारतीय बाजार पर कहर बरपाने की तैयारी में है। छोटी मोटी जरूरतों की चीजों से लेकर मोबाइल, मोबाइल एक्सेसरीज, इलेक्ट्रॉनिक आइटम आदि के लिए चीन पर निर्भर देसी बाजारों में चीन से आयात रुकने पर बेचैनी बढ़ने लगी है। इससे कई चीजों के दाम बढ़ गए हैं तो कई चीजों पर बढ़ने की उम्मीद लगाई जा रही है।
पांच से बीस प्रतिशत बढ़ गए एक्सेसरीज के दाम
मोबाइल फोन मार्केट में एक्सेसरीज का खास महत्व है। एक्सेसरीज यानी टैंपर्ड, डिस्प्ले, बैक कवर, होल्डर आदि का अपना अलग ही मार्केट है। मोबाइल फोन लेने वालों का इनके बिना काम नहीं चलता। इनमें से कई चीजें चीन में निर्मित होकर आती हैं। इन पर रोक होने से इनके दामों में पांच से 20 प्रतिशत तक का इजाफा हो गया है।
एल्युमीनियम वायर नहीं तो कूलर पंखें होंगे मंहगे
इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारियों की मानें तो अधिकांश कूलर पंखों में अब एल्युमीनियम वायरिंग का उपयोग हो रहा है। कई कंपनी इंवर्टर से चलने वाले कूलर बना रही हैं, जिसमें एल्युमीनियम वायर लगता है लेकिन इस पर रोक लगने के कारण कूलर पंखों के दामों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यह भी आशंका है कि गर्मी के दिनों में इनकी शॉर्टेज भी हो सकती है। इसके अलावा कई नामी कंपनियों के इंडक्शन चूल्हे, गीजर समेत अन्य उपकरण भी चीन से बनकर आते हैं। लोगो और नाम तो देसी कंपनियों का होता है, लेकिन ये पूरे के पूूरे चीन से आयात होते हैं। ऐसे में इनके दाम भी बढ़ सकते हैं। एलईडी के दाम तो पांच सौ से आठ सौ रुपये बढ़ ही गए हैं।
हर आदमी हो रहा चीन के सामान पर निर्भर
रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की बात करें तो आम आदमी चीन के आइटमों पर ज्यादा निर्भर हो गया है। चीनी उत्पादों का सस्ता होना आम आदमी के लिए फायदेमंद प्रतीत होता है। खिलौने, सजावटी सामान, घरेलू उपकरण, पेन ड्राइव, कंप्यूटर पार्ट्स आदि अधिकांश चीन से आयात होते हैं। यहां तक की होली और दीपावली पर जरूरी पिचकारी, झालरें आदि से भी भारतीय बाजार पटा दिखाई देता है।
80 फीसदी आबादी तक चीनी सामान की पहुंच
भले ही सोशल मीडिया पर चीनी सामान का विरोध करने का ट्रेंड हो, लेकिन सच्चाई यह है कि इसका विरोध करने वाले अधिकांश लोग भी इस सामान का प्रयोग करते हैं। कई उपकरणों के लिए कच्चा माल भी चीन से आता है। मसलन चाकू, गुब्बारे, गिफ्ट का सामान, चश्मे के फ्रेम, बाल्टी, मग समेत तमाम प्लास्टिक का सामान चीन से ही आयात होता है।
बोले कारोबारी-
मोबाइल फोन कंपनियां पहले हर एक-दो माह में मॉडल के अनुसार दाम घटा देती थीं, लेकिन अब यह बंद हो गया है। जब से कोरोना का अटैक चीन में हुआ है तब से कंपनियों ने दाम घटाने बंद कर दिए हैं। मोबाइल फोन से जुड़ी एक्सेसरीज के दामों में इजाफा हुआ है क्योंकि अधिकांश चीजें चीन में ही बनती हैं। मोबाइल फोन के दाम बढेंगे या नहीं, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। - भंवर अरोरा, मोबाइल फोन कारोबारी
कई देसी कंपनियां चीन से बने बनाए उपकरण मंगाती हैं और अपना लोगो लगाकर बेचती हैं। इसमें कई नामी गिरामी कंपनियां भी शामिल हैं। चीन से आयात बंद होने के बाद निसंदेह इनके दाम बढ़ेंगे। एल्युमीनियम वायर के लिए तो सारा बाजार ही चीन पर निर्भर है, जिसका आयात बिल्कुल बंद हो गया है। ऐसे में कूलर-पंखों के दाम बढ़ने ही बढ़ने हैं। - राजेश कुमार, इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी