कोरोना जांच के लिए सेंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
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बदायूं। कोरोना के पहले टीके के मामले में जहां करीब 98 फीसदी लक्ष्य की प्राप्ति हो चुकी है वहीं दूसरे टीके के मामले में जिला पिछड़ रहा है। जिले में 4.58 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्होंने पहला टीका लगवाने के बाद दूसरा टीका लगवाया ही नहीं है, जबकि पहला टीके का समय पूरा हो गया है।
कोवैक्सीन का पहला टीका लगवाने के 28 से 42 दिन में दूसरा टीका लगवाना जरूरी होता है। इसी तरह कोविशील्ड वैक्सीन के मामले में दूसरे टीके का समय 84 से 112 दिन के बीच है। जिले में 82971 ऐसे लोग हैं जिन्होने कोवैक्सीन का पहला टीका लगवाने के बाद अब तक दूसरा टीका नहीं लगवाया है। कोविशील्ड के मामले में ऐसे लोगों की संख्या 366298 है। बच्चों को लगाए जाने वाले कॉर्बीवैक्स के टीके के मामले में भी 12 से 14 वर्ष के 9190 बच्चे ऐसे हैं जिन्होंने समय से दूसरा टीका नहीं लगवाया है। बच्चों का टीकाकरण तीन जनवरी से शुरू हुआ था। 28 दिन के बाद दूसरा टीका लगाया जाना था।
बूस्टर डोज के मामले में भी बदायूं की स्थिति खास नहीं है। अब तक जिले में 14.48 फीसदी लोगों ने ही बूस्टर डोज ली है। प्रदेश स्तर पर बूस्टर डोज की रैंकिंग की बात करें तो बदायूं का नंबर 74 वां है। 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में 92.21 प्रतिशत लोग दूसरी डोज ले चुके हैं। 12 से 14 वर्ष आयु वर्ग में 29.95 और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग में 76.86 लोगों ने दूसरा टीका लगवा लिया है। जिन 33157 लोगों ने अब तक बूस्टर डोज ली है वह सभी 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि समय से दूसरी डोज न लेने पर वायरस के प्रति एंटीबॉडी नहीं बनती। ऐसे में दूसर टीका सुरक्षा कवच के लिए बेहद जरूरी है।
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दूसरे टीके पर अब ध्यान दिया जा रहा है। पहले टीके का लक्ष्य करीब पूरा हो गया है। दूसरा टीका लगवाने को लोगों को आगे आना चाहिए। जिले में 4.58 लाख से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिनका दूसरे टीके का समय पूरा हो गया है, लेकिन वह टीका लगवाने केंद्रों तक नहीं पहुंच रहे।
-डॉ. मोहम्मद असलम, नोडल अधिकारी टीकाकरण