बदायूं। दो दिन पहले ट्रूनेट मशीन की जांच रिपोर्ट में कोरोना पॉजिटिव निकले व्यक्ति की सोमवार को अलीगढ़ के मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। परिवार वालों का दावा है कि ट्रूनेट जांच के बाद उनका दोबारा सैंपल लिया गया था, जिसमें वह निगेटिव पाए थे। इसके बावजूद उन्हें देर रात अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज से शव नहीं मिल सका।
सिविल लाइंस क्षेत्र के कस्बा शेखूपुर निवासी एक 42 वर्षीय व्यक्ति जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। हल्का बुखार भी था। एहतियात के तौर पर उसका कोरोना संक्रमण की जांच के लिए सैंपल लिया गया था। पहले उसकी अस्पताल में ट्रूनेट मशीन से जांच कराई गई, जिसमें उसे कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। इसके बाद उसका दूसरा सैंपल लेकर बरेली आरबीआरआई भेजा गया। परिवार वालों के मुताबिक उसे 27 जून को जिला अस्पताल से राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। यहां से अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन उसे अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी भर्ती नहीं किया। इसके बाद परिवार वाले उसे पंडित दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल दिल्ली ले गए। वहां भी उसे भर्ती नहीं किया गया। थकहार कर परिवार वाले दोबारा अलीगढ़ ले गए। सोमवार सुबह अलीगढ़ में ही मौत हो गई। परिवार वालों का दावा है कि जिला अस्पताल में जो उसका दूसरा सैंपल लिया गया था। वह निगेटिव निकला था लेकिन अलीगढ़ में उसे कोरोना पॉजिटिव बताया जा रहा है। इससे परिवार वालों को सोमवार रात तक उसका शव नहीं दिया गया। मेडिकल कॉलेज के अधिकारी बदायूं और बदायूं के अधिकारी मेडिकल कॉलेज पर टाल रहे हैं। देर रात तक उसका शव मेडिकल कॉलेज में रखा रहा।