बदायूं। बरेली के प्राइवेट हॉस्पिटल द्वारा कराई गई जांच बदरपुर की जिस महिला को कोरोना पॉजिटिव बताया गया। वही महिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा कराई गई सरकारी जांच में निगेटिव निकली है। उसकी रिपोर्ट देखकर स्वास्थ्य विभाग उसे कोरोना पॉजिटिव नहीं मान रहा था। इससे उसके परिवार वालों की हिस्ट्री खंगाली गई, लेकिन उसके परिवार से किसी का सैंपल नहीं लिया गया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम बदरपुर निवासी 55 वर्षीय महिला हैपेटाइटिस बी की मरीज है। उसका बरेली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। हाल में महिला दवा लेने के लिए बरेली गई थी। उसी समय हॉस्पिटल के चिकित्सक द्वारा उसका कोरोना सैंपल भी कराया गया था। महिला दवा लेकर घर चली आई लेकिन हॉस्पिटल द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट बुधवार देर शाम आई, जिसमें महिला को कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। ये रिपोर्ट जैसे ही स्वास्थ्य विभाग के पास पहुंची कि हड़कंप मच गया। इसकी सूचना पर सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार और सीओ सिटी विनय कुमार द्विवेदी रात में ही बदरपुर गांव जा पहुंचे। महिला को जिला अस्पताल लाया गया। उनके परिवार वालों को होम क्वांरटीन करा दिया गया था।
महिला का सैंपल लेकर बुधवार रात ही जांच के लिए भेज दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम गुरुवार दोपहर गांव पहुंची। महिला के परिवार वालों से जानकारी जुटाई, जिसमें महिला की कोई ट्रैवलिंग हिस्ट्री नहीं निकली। साथ ही देर शाम आई सरकारी रिपोर्ट में महिला कोरोना निगेटिव निकली। जिसके बाद महिला को उसके घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
महिला की जांच प्राइवेट लैब द्वारा कराई गई थी। इससे यकीन नहीं हो रहा था कि वह पॉजिटिव है। ऐसे कई केस सामने आ चुके थे। जिनमें प्राइवेट लैब द्वारा कराई गई जांच में लोग पॉजिटिव निकले लेकिन सरकारी जांच में निगेटिव थे। ये महिला भी निगेटिव निकली है। महिला को घर भेजा जा रहा है।
डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ
-प्राइवेट लैब में भी एक्सपर्ट लोग बैठते हैं। एक की रिपोर्ट पॉजिटिव और एक की रिपोर्ट निगेटिव है। हम किसे सही मानें। ये बात और है कि लैब विश्वसनीय है या नहीं। इसकी गुणवत्ता लैब के बारे में जानकारी होने पर ही होगी। ऐसे हम किसी को गैर जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।
डॉ. शरद कुमार गुप्ता, सचिव आईएमए