बदायूं। कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार के बीच लोग तनाव में तो आ ही रहे हैं। इसके साथ ही बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। सांस संबंधी कई दवाओं की बाजार में मांग बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बिना विशेषज्ञ की सलाह के दवाओं का इस्तेमाल घातक हो सकता है। ज्यादातर लोग अपने मन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं के साथ अन्य दवाओं का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
कोरोना की दूसरी लहर में अब तक जिले में आठ हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ चुके हैं। फिलहाल 2768 से ज्यादा एक्टिव केस हैं। मेडिकल कॉलेज में भर्ती गंभीर संक्रमितों की संख्या 100 से ऊपर बनी हुई है। 2672 लोगों को घरों में क्वारंटीन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनको दवाएं भी दी जा रही है। इसके बाद भी काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो मनमुताबिक मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीद कर इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। कई ऐसी दवाएं हैं जो कामन हो गई हैं। ज्यादातर लोग अपने मन से मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं और कुछ ही दिन में उनकी स्थिति ज्यादा गंभीर हो जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग होम आइसोलेट संक्रमितों को दवाएं पहुंचा रहा है। लेकिन संक्रमितों की काउंसिलिंग नहीं की जा रही है। ऐसे में वे अपने मन से दवाएं ले रहे हैं। ऐसे में डाक्टर से परामर्श किए बिना दवा खाना खतरे से खाली नहीं है।
इन दवाओं की बढ़ी मांग
कोरोना संक्रमण के बीच एजिथ्रोमाइसिन, आइवरमेक्टिन, पेरासिटामोल, डेरीफाइलीन, अस्थालीन आदि दवाओं की बाजार में मांग बढ़ी है। इसके अलावा एंटीबायोटिक दवाओं की खपत भी पहले के मुकाबले ज्यादा हो रही है। फेबी फ्लू तो बाजार में मिल ही नहीं रही है। ऐसे में दवाओं की दाम भी बढ़े हैं। पेरासिटामोल और विटामिट-सी की टेबलेट ही प्रिंट रेट पर उपलब्ध हैं। गौर करने वाली बात यह है कि कोरोना से जुड़ी गई दवाएं इन दिनों व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर भी छाई हुई हैं।
डॉक्टरों की बात
बिना डॉक्टर की सलाह के किसी दवा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कोरोना संक्रमण के बीच जिस तरह से लोग बिना डॉक्टर और विशेषज्ञों की सलाह के ही मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीद कर उनका इस्तेमाल कर रहे हैं यह काफी घातक साबित हो सकता है। सही दवाएं और सही साल्ट से ही कुछ लाभ हो सकता है। हर दवा का सभी लोगों के शरीर पर प्रभाव अलग-अलग हो सकता है। - डॉ. शरद कुमार गुप्ता, वरिष्ठ हृदय और चेस्ट रोग विशेषज्ञ
सबसे महत्वपूर्ण है कि किसी तरह के तनाव में न आएं। तनाव के कारण बीमारी और बढ़ जाती है। सकारात्मक सोच रखें। बिना डॉक्टर की सलाह के मनमाने ढंग से दवाओं के सेवन से जान का खतरा भी हो सकता है। लोगों को यह समझना चाहिए के बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं न लें। मेडिकल स्टोर संचालकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह बिना डॉक्टर के पर्चे के दवाएं न बेचें। - डॉ. अरुण यादव, वरिष्ठ फिजीशियन