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रहें सावधान.. खुले में पड़ा मास्क भी फैला सकता है कोरोना वायरस

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बदायूं। कोविड-19 के खतरे के बीच मास्क का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। मास्क लगाने के बाद लोग खुद को सुरक्षित महसूस कर करते हैं, लेकिन इस्तेमाल किया हुआ मास्क भी संक्रमण फैला सकता है। ऐसे में इस्तेमाल किए गए मास्क का सही निस्तारण बेहद जरूरी है। क्योंकि अभी लोग मास्क का उपयोग करने के बाद इधर-उधर फेंक देते हैं, जो अन्य लोगों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामाजिक दूरी के साथ मास्क भी बेहद जरूरी है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने जनहित को देखते हुए सभी लोगों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। अब अधिकांश लोगों ने मास्क को पहनना शुरू कर दिया है। ताकि वे कोरोना वायरस से बचे रहे। मगर अधिकांश लोग मास्क का उपयोग करने के बाद में इधर-उधर फेंक देते हैं, जो कहीं न कहीं कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने की जगह बढ़ाने का काम कर रहा हैं। कुछ लोगों को मास्क के उपयोग का सही तरीका भी नहीं मालूम है।
बाजार में हैं तीन तरह के मास्क
दरअसल, बाजार में तीन तरह के मास्क आते हैं, जिसमें सबसे अधिक संख्या थ्री लेयर सर्जिकल मास्क की होती है। जो एक बार इस्तेमाल होता है। यह आसमानी या फिर हल्के हरे रंग का होता है। दूूसरा मास्क धुलने वाला होता है, जो ज्यादातर काले रंग का होता है। तीसरे नंबर पर एन-95 मास्क होता है, जो महंगा होने के साथ-साथ सबसे अधिक कारगर भी होता है। ज्यादातर लोग धुलने वाला या थ्री लेयर मास्क का उपयोग करते हैं। चूंकि थ्री लेयर मास्क एक बार ही इस्तेमाल होता है। ऐसे में इसको लोग इस्तेमाल करने के बाद में सीधे सड़कों पर कचरे में डाल देते हैं, जो नहीं ठीक नहीं है। क्योंकि कोरोना वायरस मास्क पर कम से कम आठ से 10 घंटे तक सक्रिय रहता है।
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अस्थमा के मरीज करें थ्री लेयर मास्क का उपयोग
इस वक्त लगातार मौसम बदल रहा है। ऐसे में अस्थमा के मरीजों को काफी परेशानी होती है। वहीं दूसरी तरफ कोरोना वायरस लगातार फैल रहा है। इससे बचाव के लिए सामाजिक दूरी के साथ में मास्क लगाना जरूरी है। इसको देखते हुए डॉक्टरों की राय हैं, कि इन रोगियों के लिए थ्री लेयर मास्क या वाशेबल मास्क ही पहनने को दिया जाए। दरअसल ऐसे रोगियों को सांस लेने में ज्यादा दिक्कत आती है ऐसे में उन्हें मास्क में हवा पास होना भी जरूरी है। ऐसे लोगों को एन -95 मास्क का उपयोग डॉक्टर से सलाह लेने के उपरांत ही करना चाहिए।
जिस तरह से मौसम में बदलाव आ रहा है। उससे अस्थमा के रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। उन्हें इस मौसम में संभलकर रहने की जरूरत है। वहीं कोरोना वायरस से बचने के लिए सामाजिक दूरी के साथ मास्क का भी उपयोग करें। यह मरीज थ्री लेयर मास्क, धूलने वाला मास्क, रुमाल आदि का मास्क बनाकर ही पहने और सबसे खास बात यह मास्क छह से आठ घंटे में लगातार बदलते रहें। अपने गमछे को भी मास्क की तरह प्रयोग किया जा सकता है। - डॉ. राजेश वर्मा, फिजिशियन जिला अस्पताल
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