उझानी (बदायूं)। अब अगर किसी जिले में कोरोना संक्रमित मामला सामने आता है तो उसे जिलों में ही कोरोना वार्ड मे भर्ती करने की बजाय मंडल मुख्यालय के लेवल-वन के अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। शासन ने एक दिन पहले ही उच्चस्तरीय बैठक के दौरान यह निर्णय लिया है। इससे जिलों में स्वास्थ्य कर्मियों की व्यस्तता नहीं बढ़ेगी और वह दूसरी इमरजेंसी सेवाएं दे सकेंगे।
कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफे के मद्देनजर सोमवार को लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कोरोना संक्रमितों को उन्हीं स्थानों पर शिफ्ट करके इलाज मुहैया कराया जाए, जहां पहले से ही संक्रमित मरीज भर्ती हैं। कोरोना संक्रमितों को भर्ती करने के लिए मंडल मुख्यालय से लेकर हर जिले में लेवल-वन का एक-एक वार्ड बनाया जा चुका है। शासन के फैसले के बाद अगर किसी जिले में कोरोना संक्रमित व्यक्ति सामने आता है तो उसे मंडल मुख्यालय के वार्ड में भर्ती कराया जाएगा। मंडल मुख्यालय के अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के लिए तय बेड की उपलब्धता रहने तक उस मंडल से जुड़े मरीज भर्ती किए जाएंगे। बता दें कि उझानी में भी बदायूं जिले का कोरोना वार्ड बना है। जिले में संक्रमित कोई और व्यक्ति सामने आया तो मंडल मुख्यालय के अस्पताल में बेड फुल होने के बाद ही वह उझानी सीएचसी पर भर्ती होगा।
तो फिर उझानी में ही भर्ती होता सहसवान में मिला कोरोना संक्रमित
उझानी। सहसवान की मस्जिद में मिले मुंबई निवासी युवक की कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने से कुछ देर पहले ही सोमवार को सीएमओ समेत जिले के अफसरों को लखनऊ की मीटिंग में हुए फैसलों की जानकारी मिल चुकी थी। कोरोना संक्रमित के लिए उझानी में शिफ्ट करने की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दे दिया गया था लेकिन सीएमओ ने शासन के फैसले के बाद उसे बरेली के मंडल मुख्यालय स्थित लेवल-वन अस्पताल में भर्ती करा दिया। इस स्थिति में स्थानीय स्तर पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की 50 सदस्यीय टीम की व्यस्तता बढ़ जाती।
कहीं भी कोरोना संक्रमित सामने आता है तो उसे मंडल मुख्यालय के लेवल-वन अस्पताल में भर्ती करने का निर्णय शासन स्तर से लिया जा चुका है। उझानी के कोरोना वार्ड में कोरोना संक्रमित तभी भर्ती होगा जब बरेली के अस्पताल के बेड फुल हो जाएंगे। - सुयश दीक्षित, चिकित्साधीक्षक।