बदायूं। देश में फैल रहे कोरोना वायरस से निपटने के लिए जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने कमर कस ली है। कोरोना वार्ड में पांच चिकित्सक तैनात हैं। तो वहीं पांच चिकित्सक सर्दी, खांसी और बुखार वाले सामान्य मरीजों का उपचार कर रहे हैं। चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए अस्पताल प्रशासन ने मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट उपलब्ध कराई है।
इस समय जिला अस्पताल में सिर्फ कोरोना और सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों पर फोकस किया जा रहा है। लॉकडाउन की वजह से जिला अस्पताल की ओपीडी बंद कर दी गई है। सर्दी, खांसी और बुखार के मरीज बैरंग न लौटें, इसके लिए नई इमरजेंसी में ही फ्लू वार्ड बनाया गया है। इस वार्ड में डॉ. आरसी दीक्षित, डॉ. पीयूष मोहन अग्रवाल, डॉ. उत्पल रस्तोगी, डॉ. अलंकार सिंह, डॉ. चक्रेश गुप्ता ड्यूटी कर रहे हैं। जबकि कोरोना वार्ड की जिम्मेदारी डॉ. राजेश वर्मा, डॉ. एमए सिद्दीकी, डॉ. वागीश वार्ष्णेय, डॉ. एनके सिंह और डॉ. मनोज संभाले हुए हैं। चिकित्सक सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों का ही इलाज करने में लगे हैं। बताते हैं कि इस समय फ्लू वार्ड में रोजाना करीब 250 मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में इस समय जरूरी ऑपरेशन, एक्स-रे, प्लॉस्टर आदि ही किए जा रहे हैं। वहीं, आंखों के ऑपरेशन पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा कोरोना वार्ड में लगे चिकित्सकों को 50 पीपीई किट (पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट) और पर्याप्त मास्क, सैनिटाइजर उपलब्ध करा दिए गए हैं। अभी भी चिकित्सकों के पास 25 पीपीई किट शेष बची हैं।
कोरोना वार्ड खाली, संदिग्धों की छुट्टी
इस समय कोरोना वार्ड बिल्कुल खाली चल रहा है। कोई संदिग्ध मरीज वार्ड में भर्ती नहीं है। बताते हैं कि इस वार्ड में करीब 22 संदिग्ध मरीज एक-एक करके लाए गए थे। उनके सैंपल लेकर जांच कराई गई तो वह निगेटिव निकले। उसके बाद सभी की छुट्टी कर दी गई है। तब से वार्ड में कोई संदिग्ध मरीज भर्ती नहीं किया गया है। उसके बाद डॉ. राजेश वर्मा और डॉ. शिव मोहन कमल की जांच कराई गई। उनकी भी जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली है।
जिले में आइसोलेट किए गए 55 लोग, 31 बचे
जिले में कोरोना संक्रमण न फैले, इसके लिए करीब 55 संदिग्धों को आइसोलेट किया गया था। यह लोग विदेश और गैर प्रांतों से लौटे थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 24 लोगों की निगरानी खत्म हो चुकी है। इस समय 31 लोगों की निगरानी चल रही है।