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कोरोना से निपटने को रैपिड रिस्पांस टीम गठित, हेल्प लाइन नंबर जारी

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बदायूं। जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मुस्तैद नजर आ रहा है। इसके लिए जिला अस्पताल के अलावा राजकीय मेडिकल कॉलेज में अलग से एक वार्ड बनाया गया है। वहीं, एक रैपिड रेस्पांस टीम के साथ हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित की गई रैपिड रेस्पांस टीम के जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुशील कुमार बनाए गए हैं। डॉ. अनवर सादात को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इस टीम में जिला अस्पताल में तैनात फिजीशियन डॉ. शिवमोहन कमल, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कप्तान सिंह, पैथोलॉजिस्ट डॉ. एपी गौतम, एसएमओ डॉ. गुंजन कुमार, विभागाध्यक्ष एसपीएम डॉ. राममिलन प्रसाद, जिला रेपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. कौशल कुमार गुप्ता, उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता शामिल हैं। इनके साथ चालक मुनेंद्र कुमार को भी लगाया गया है। कोरोना वायरस के संबंध में टीम को दिशा निर्देश दिए गए जो भी संदिग्ध हो उसे कम से कम 28 दिन का उपचार जरूर दिया जाए, जिससे उसके शरीर में कोरोना वायरस न फैले और सही से उपचार हो सके।
राजकीय मेडिकल कॉलेज तैयार, एक बिल्डिंग में बनेगा वार्ड
कोरोना वायरस के संबंध में जारी गाइड लाइन के अनुसार कोरोना वायरस इतना खतरनाक है कि उसे खत्म करने की कोई वैक्सीन नहीं बनी है। बस इसकी जानकारी और बचाव ही एक मात्र उपाय है। इसके उपचार के लिए एक वार्ड ऐसा बनाया जाएगा, जो शहर से दूर हो और वहां शौचालय आदि की सुविधाएं भी हों। इसके लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज तैयार हो गया है। कॉलेज में एक खाली बिल्डिंग में वार्ड बनाया जाएगा। कॉलेज प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
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संदिग्ध दिखे व्यक्ति, तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर दें सूचना
कोरोना वायरस के संबंध में जिला प्रशासन के आदेश पर एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। चिकित्साधिकारी कार्यालय में इसका कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जिसका नम्बर 05832-266441 है। इस नम्बर पर कॉल कर कोरोना वायरस के सम्बंध में जानकारी ली जा सकती है अथवा कोई भी सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है।
दुबई से लौटा युवक, निगरानी शुरू
शहर कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी युवक 29 फरवरी को दुबई से लौटा है। बताते हैं कि युवक शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचा था। उसने सीएमएस को बताया कि उसे सर्दी बुखार है और वह सात दिन पहले दुबई से लौटा है। इस पर युवक को दवा दे दी गई। इस बारे में सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर ने सीएमओ को सूचना दे दी है। सीएमओ की ओर से युवक की निगरानी की जाएगी।
कोरोना वायरस को लेकर प्रशासन सतर्क, एंबुलेंस भी लगाई
बदायूं। कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ने 108 नम्बर की एक एंबुलेंस को चिन्हित किया है, जो आवश्यकता पड़ने पर सिर्फ कोरोना के मरीजों को लाने-ले जाने का काम करेगी। जिला चिकित्सालय में पर्याप्त दवाएं, स्ट्रेचर और ब्लड सैंपलिंग की व्यवस्था उपलब्ध है। शुक्रवार को जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक के दौरान बताया कि जनपद में कोरोना से सम्बंधित कोई भी मामला प्रकाश में नहीं आया है, इसलिए लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मास्क एवं सैनेटाइजर के मूल्य पर विशेष नजर रखी जाएगी, जिससे कोई अधिक दामों पर न बेच सके। यहां मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यशपाल सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अमित कुमार आदि रहे।
ये हो सकते हैं लक्षण
कोरोना वायरस में पहले बुखार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इन लक्षणों का मतलब यह भी नहीं है कि कोरोना वायरस का संक्रमण है। क्योंकि जुकाम और फ्लू में भी कुछ इस तरह के लक्षण नजर आते हैं। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी, किडनी फेल होना और यहां तक की मौत भी हो सकती है। उम्रदराज लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उन्हें खास एहतियात बरतने की जरूरत है।
सुरक्षा को करें यह उपाय
स्वयं की स्वच्छता पर ध्यान दें, साबुन से लगातार हाथ धोते रहें। छींकते और खांसते समय अपना मुंह टिशू या रुमाल से ढक लें। उपयोग के तुरंत बाद टिशू पेपर को किसी बंद डब्बे में फेंक दें। हाथ गंदे दिखने पर हैंडवॉश से साफ करें। खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत नजदीकी सरकारी चिकित्सालय में नि:शुल्क उपचार के लिए संपर्क करें।
क्या न करें
खांसी, जुकाम या बुखार के लक्षण होने पर किसी के संपर्क में न आएं। हाथ मिलाने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। कच्चे/अधपके मांस के सेवन से बचें। जिस व्यक्ति में खांसी, बुखार या जुकाम के लक्षण हों तो उससे कुछ दूरी बनाए रखें। अनावश्यक यात्रा करने से बचें।
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