बदायूं। कोविड केयर सेंटर में बेड और ऑक्सीजन संकट से निबटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डिस्चार्ज पॉलिसी में बदलाव किए हैं। इसके तहत लक्षणविहीन, शुरुआती लक्षण और हल्के लक्षण वाले मरीज को होम आइसोलेट करने पर विचार किया जा रहा है। ऐसे में अब मेडिकल कॉलेज में भर्ती ऐसे मरीज जिनके स्वास्थ्य में सुधार है और कोई गंभीर लक्षण नहीं, उन्हें डिस्चार्ज करते हुए होम आइसोलेट किया जाएगा। इससे अस्पताल में बेड खाली होने की उम्मीद है। जिससे वहां पर नए गंभीर मरीजों को इलाज मिल सकेगा।
कोविड-19 की दूसरी लहर पहले से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रही है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। शहर में समेत जिलेभर में सैंकड़ों की संख्या में पॉजिटिव लोग सामने आ रहे हैं। जिनमें अधिकांश पॉजिटिव को होम आइसोलेट किया है और उन जिनकी तबीयत ज्यादा खराब है, उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। लेकिन पॉजिटिव की संख्या में लगातार इजाफा होने के कारण कॉलेज में पहले से तैयार वार्ड लगभग भर चुके हैं और अन्य वार्डों में मरीजों को भर्ती करने की तैयारी चल रही हैं।
आइसोलेशन से पहले होगी घर की जांच
कोविड से ग्रसित लक्षणविहीन रोगी को होम आइसोलेट करने से पहले उसके घर की जांच होगी। रेपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) घर पर जाकर होम आइसोलेशन की सारी पात्रता की जांच करेगी। जिसके बाद होम आइसोलेशन की अनुमति दी जाएगी।
शासन ने डिस्चार्ज पॉलिसी में बदलाव किया है। इसके तहत ऐसे में भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज करने पर विचार किया जा रहा है, जिनमें लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं। - डॉ. सीपी सिंह, सीएमओ, राजकीय मेडिकल कॉलेज