बदायूं। कोरोना संक्रमण की रफ्तार में एक ओर इजाफा हो रहा है और दूसरी ओर लापरवाही भी सामने आ रही है। दिल्ली में लॉकडाउन के बाद प्रवासी कामगारों की वापसी तेज हो गई है। इधर, कामगारों की कोरोना जांच में लापरवाही हो रही है। वापसी कर रहे कामगारों को बसों से रास्ते में उतर दिया जाता है। ऐसे में इनकी जांच नहीं हो पा रही। जिससे संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ने का अंदेशा बना हुआ है।
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर तेजी से फैल रही है। गांव-शहर, टोला-कस्बा सभी जगह कोविड-19 अपने पैर पसार चुका है। इसी के साथ महानगरों और दूसरे शहरों से प्रवासी मजदूरों के वापस लौटने का सिलसिला भी शुरू गया है। वापस आ रहे प्रवासी कामगारों की न कोरोना जांच की जा रही है और न ही उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है। इसके चलते संक्रमण की चेन टूटने के स्थान पर और मजबूत होने का अंदेशा बना हुआ है। गौर करने वाली बात यह है कि इस बार हालात पहले से ज्यादा खराब हैं। जिले में संक्रमितों की संख्या आठ हजार के करीब पहुंच चुकी है।
पिछले वर्ष के मुकाबले सतर्कता और सावधानी नहीं
पिछले साल कोरोना संक्रमण रोकने के लिए ज्यादा सतर्कता और सावधानी से काम लिया गया। तीन महीने का लॉकडाउन भी रहा। सीमाओं को सील करने के साथ दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले प्रवासियों की जांच कराई गए। जिले में कई स्थानों पर क्वारंटीन सेंटर बनाकर प्रवासियों को क्वारंटीन किया गया। कोरोना की दूसरी लहर में वैसी व्यवस्था नहीं है। वापस आ रहे प्रवासी मजदूरों की न जांच की जा रही है और न ही उनको क्वारंटीन करने की व्यवस्था की गई है। प्रवासी सीधा अपने घर पहुंच जा रहे हैं। गांव-मोहल्ले में खुलेआम घूम भी रहे हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
ब्लॉक स्तर पर जांच की सुविधा
जिले के 15 ब्लॉक में कोरोना जांच की जा रही है। शहर में भी जांच शिविर चल रहे हैं, लेकिन प्रवासी कामगारों की बात करें तो सिर्फ रोडवेज बस स्टैंड पर ही दूसरे जिलों और प्रदेशों से आने वालों की जांच हो रही है। रास्ते में बस स्टॉप पर उतरने वालों की जांच नहीं हो रही। पिछले दिनों डीएम दीपा रंजन ने बदायूं डिपो पहुंच कर निर्देश दिए थे कि यात्रियों को रास्ते में उतारने वाले चालक और परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, इसके बाद भी यात्रियों को रास्ते में उतारा जा रहा है।
जिले में 16 स्थानों पर जांच हो रही है। इसके अलावा मोबाइल टीमें भी काम कर रही हैं। शासन स्तर से जो भी गाइडलाइन मिल रही है उसी के अनुसार काम किया जा रहा है। दूसरे राज्यों और जिलों से लौटने वाले लोगों की जांच पर फोकस किया जा रहा है। - डॉ. यशपाल सिंह, सीएमओ