बदायूं। घर में घुसकर तमंचा से डराकर नाबालिग से छेड़खानी करने, विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने के मामले में विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) अनीता की कोर्ट ने अभियुक्त धर्मेंद्र निवासी जाटव गौटिया मजरा रहमा, बिनावर को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास के कैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषसिद्ध पर 10 हजार जुर्माना लगाया। कोर्ट ने सात हजार रुपये की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया।
बिनावर थाने के एक गांव निवासी महिला ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया था कि 14 अप्रैल 2017 की रात वह अपने कमरे, उसकी पुत्री व पुत्रवधू दूसरे कमरे में सोए हुए थे। रात्रि करीब एक बजे गांव का धर्मेंद्र व चेतराम अपने हाथों में तमंचा लेकर उसकी बेटी के कमरे तक पहुंच गए और छेड़खानी करने लगे।
पीड़िता चिल्लाई तो उसकी पुत्रवधू उठी और छेड़खानी का विरोध किया। इस पर आरोपी धर्मेंद्र व चेतराम ने पीड़िता व उसकी पुत्रवधू के साथ मारपीट की और धमकी देकर चले गए थे। पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों के विरुद्ध छेड़खानी, मारपीट, धमकी व पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद विवेचना कर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। इधर, कोर्ट ने केस में सुनवाई की।
अभियोजन पक्ष ने पीड़िता, वादिनी सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज कराए। पुलिस के साक्ष्यों का अवलोकन करने व गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने अभियुक्त धर्मेंद्र को दोषी करार दिया। दोषी को अलग-अलग धाराओं में सजा के साथ जुर्माना लगाया। केस विचारण के दौरान दूसरे आरोपी चेतराम की मौत हो गई थी।