बदायूं। अपर जिला जज व विशेष पॉक्सो एक्ट (कक्ष तीन) की न्यायाधीश नीलांजना ने नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी विवेक को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने दोषी विवेक को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 62 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाएगी।
यह मामला थाना जरीफनगर क्षेत्र के एक गांव का तीन सितंबर 2024 का है। आरोपी विवेक 13 साल की छात्रा को उसके स्कूल से यह कहकर ले गया कि उसके पापा बुला रहे हैं। विवेक ने स्कूल के प्रधानाचार्य से पूछकर नाबालिग लड़की को अपनी गाड़ी में बैठाया। उसने गाड़ी की पिछली सीट पर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। करीब एक घंटे बाद विवेक ने छात्रा को गांव के बाहर छोड़ दिया। वह डरी हुई घर पहुंची।
छात्रा ने चार सितंबर 2024 की सुबह अपनी मां को घटना के बारे में बताया। यह भी बताया कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। पीड़िता की मां ने उसी दिन थाना जरीफनगर में तहरीर दी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट न्यायालय में पेश की। न्यायालय ने विवेक पुत्र रवि शंकर को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।