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Budaun News: दुष्कर्म केस में दोषी को दस साल की कैद, 30 हजार का जुर्माना

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बदायूं। कोर्ट ने खेत से घर लौट रही किशोरी को बहलाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अभियुक्त पुष्पेंद्र निवासी हैदलपुर, थाना बिल्सी को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दिनेश तिवारी की कोर्ट ने दोषी को दस वर्ष के कारावास की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपित जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया।
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तहसील क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने बिल्सी थाने में दी तहरीर में बताया था कि 4 सितंबर 2018 की शाम करीब पांच बजे उसकी 16 वर्षीय बेटी खेत से घर लौट रही थी। घर न पहुंचने पर जानकारी की गई। जानकारी में आया कि उसकी पुत्री को पुष्पेंद्र अपने साथ बहलाकर ले गया है। पुष्पेंद्र के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध किशोरी को ले जाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की। बाद में पीड़िता के बरामद होने और उसकी गवाही पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म की धारा की वृद्धि की गई। बिल्सी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। बाद में विवेचना कर आरोपी के विरुद्ध आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने केस की सुनवाई करने के बाद शुक्रवार को सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषी पुष्पेंद्र को दुष्कर्म की धारा में दस साल की कैद और अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई।


चोरी के माल की बरामदगी में दोषी सौदान सिंह को दो साल की कैद
- एडीजे-9 की अदालत ने सुनाया फैसला, लूट के आरोप से तीन आरोपी दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी

बदायूं। बिसौली क्षेत्र में वर्ष 2014 में दर्ज चोरी के माल की बरामदगी से जुड़े मामले में अदालत ने आरोपी सौदान सिंह को दोषी मानते हुए दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे-9 एनडीपीएस न्यायालय के न्यायाधीश सुरेंद्र पाल सिंह ने बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए दोषी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
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बिसौली थाने में शिवकुमार पाराशरी की ओर से दर्ज कराए केस में सौदान सिंह निवासी पलिया मेहंदी थाना सिविल लाइंस, खुशीराम निवासी इकलहरी थाना सिविल लाइंस और गुलजारी निवासी परसैरा थाना बिसौली को आरोपी बनाया गया था। मामले में पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने चोरी के माल मिलने के मामले में सौदान सिंह को दोषी ठहराया। वहीं अदालत ने लूट की धारा में सौदान सिंह, खुशीराम और गुलजारी को लूट दोषमुक्त कर दिया गया।
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